टोल प्रबंधन के अनुसार 10 मई को टोल प्लाजा से 40 हजार वाहन होकर गुजरे थे। प्रधानमंत्री की अपील के बाद 13 मई को यह संख्या घटकर केवल 27 हजार रह गई। इससे एनएच-58 पर दबाव कम हुआ है। एनएच-58 पर मेरठ, खतौली, मुजफ्फरनगर और रुड़की जैसे स्थानों पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है। विशेषकर सप्ताहांत और छुट्टियों में देहरादून व हरिद्वार जाने वाले वाहनों के कारण लंबी कतारें लग जाती थीं। अब जाम से राहत मिली है।
टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों का आंकड़ा
9 मई : 38 हजार
10 मई : 40 हजार
11 मई : 33 हजार
12 मई : 29 हजार
13 मई : 27 हजार
टोल प्रबंधन भी मान रहा बदलाव
टोल प्लाजा के मैनेजर अनुज कुमार का कहना है कि दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे शुरू होने और प्रधानमंत्री की अपील के बाद हाईवे पर वाहनों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। वाहन चालक समय बचाने के लिए एक्सप्रेसवे का उपयोग कर रहे हैं। पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए प्रधानमंत्री की अपील के बाद लोग जागरूक हो रहे हैं।
जाम से राहत लेकिन राजस्व पर असर
एनएच-58 पर ट्रैफिक कम होने से यात्रियों को जाम से राहत मिल रही है, लेकिन टोल प्लाजा के राजस्व में गिरावट की बढ़ गई है। कम वाहनों के कारण टोल कलेक्शन प्रभावित हो रहा है। हालांकि स्थानीय यात्रियों और छोटे वाहनों की आवाजाही अभी भी इस मार्ग पर बनी हुई है लेकिन लंबी दूरी के वाहनों का रुख तेजी से बदल रहा है।