शहर में टीजीटी परीक्षा के कारण हर ओर जाम लग गया। आबूलेन पर हालात बदतर हो गए। पुलिस ने बेतरतीब खड़े 15 से ज्यादा वाहनों के चालान काट दिए। व्यापारियों ने विरोध कर दिया और कहा कि जाम खुलवाने को बुलाया था, तो चालान क्यों काटे जा रहे हैं।
टीजीटी परीक्षा के चलते शनिवार को शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। आबूलेन और बांबे बाजार में सुबह से ही भीषण जाम लग गया। हालात ऐसे हो गए कि पैदल चलने वालों के लिए भी रास्ता नहीं बचा। जाम से परेशान व्यापारियों ने मेरठ व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सरदार जीतू सिंह नागपाल से संपर्क किया। नागपाल ने एसपी यातायात राघवेंद्र कुमार मिश्र को कॉल कर जाम की स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद एसपी यातायात अपनी टीम के साथ स्वयं मौके पर पहुंचे, लेकिन उनकी कार्रवाई से मामला और तूल पकड़ गया।
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मौके पर पहुंचते ही यातायात पुलिस ने सड़क किनारे खड़ी व्यापारियों की कारों के चालान काटने शुरू कर दिए। देखते ही देखते करीब 15 कारों के चालान कर दिए गए, जबकि चार कारों को क्रेन से उठवाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। मेरठ व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जीतू नागपाल, सदर व्यापार मंडल के महामंत्री सुनील दुआ और अन्य व्यापारियों की एसपी यातायात से तीखी नोकझोंक हो गई।
व्यापारियों का कहना था कि उन्होंने पुलिस को जाम खुलवाने के लिए बुलाया था, न कि चालान करने के लिए। इसी बीच पुलिस ने दुकानों के बाहर रखे गए सामान को भी हटवाना शुरू कर दिया, जिससे व्यापारियों का गुस्सा और बढ़ गया। जब क्रेन बुलाकर चार गाड़ियों को पुलिस लाइन भेजा गया, तो स्थिति और बिगड़ गई। व्यापारियों और पुलिस के बीच करीब दो घंटे तक हंगामा और बहस चलती रही।
सूचना पर सदर बाजार थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन एसपी यातायात ने उन्हें भी कड़ी फटकार लगाई। इस दौरान बांबे बाजार स्थित एक शोरूम में काम करने वाली युवती की स्कूटी का भी चालान कर दिया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया। व्यापारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए आंदोलन की चेतावनी तक दे दी। काफी देर बाद एसपी यातायात राघवेंद्र कुमार मिश्र ने सदर बाजार पुलिस को निर्देश दिए कि यदि रविवार से बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण या जाम की स्थिति बनी, तो इसके लिए संबंधित थाना पुलिस जिम्मेदार होगी और कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
एसपी यातायात राघवेंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि जिन वाहनों के चालान किए गए, वे गलत तरीके से खड़े थे, जिससे जाम की स्थिति बनी हुई थी। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी थी।