कुछ समय बाद युवकों को ट्रेनिंग के नाम पर लखनऊ स्थित समाज कल्याण विभाग निदेशालय में बुलाया गया, जहां उन्हें एक महीना दस दिन तक रखा गया। इस दौरान कहा गया कि पुलिस सत्यापन चल रहा है। इसके लिए परतापुर पुलिस से तीनों का सत्यापन भी कराया गया। बाद में डेढ़ लाख रुपये और ले लिए गए। प्रशिक्षण पत्र और ऑफर लेटर भी दिखाए गए, लेकिन ज्वाइनिंग नहीं कराई गई।
पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने ज्वाइनिंग लेटर की मांग की तो भारत भूषण ने अपने बेटे निखिल शर्मा के समाज कल्याण विभाग में तैनात होने का हवाला देकर बाकी रकम देने को कहा। इसके बाद से आरोपी फोन बंद कर गए।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि तहरीर मिल गई है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।