एक किमी की दूरी और 60 मिनट के अंतर में तीन साल पुरानी प्रेम कहानी चिता की अग्नि में जल गई। सुबह आठ बजे अतराडा गांव में शिवांक और बवनपुरा गांव में नौ बजे सोनाली का अंतिम संस्कार हुआ। परिजनों के रूदन से दोनों गांवों के लोगों के दिल दहल गए। गांव वाले बस एक ही बात कह रहे थे कि काश, परिवार वालों ने इनकी बात मान ली होती, तो आज दोनों जिंदा होते।
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सोनाली की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
शिवांक (24) व सोनाली (23) तीन साल से एक-दूसरे से प्यार करते थे। परिजनों ने दोनों की शादी अलग-अलग तय कर दी थी। बुधवार सुबह काजीपुर गांव के पास दोनों ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई थी। शिवांक की मौत बुधवार शाम को ही हो गई थी। रात में सोनाली ने भी दम तोड़ दिया था। दोनों के घरों पर बृहस्पतिवार को शोकाकुल परिजनों को सांत्वना देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। दोनों के इस तरह आत्मघाती कदम उठाने से परिजन और ग्रामीण स्तब्ध हैं।
शिवांक की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
अपनी शादी को लेकर खुश थी सोनाली
ग्रामीणों की मानें तो 18 जनवरी को खरखौदा निवासी युवक से सोनाली की शादी होनी थी। वह बहुत खुश बताई जा रही थी। सोनाली ने मेडिकल कॉलेज में अपने साथ के कर्मचारियों सहित सभी जानने वालों को अपनी शादी का कार्ड स्वयं ही दिया था। गांव में चर्चा है कि घटना से एक दिन पहले मंगलवार की शाम को सोनाली शिवांक के साथ ही गाड़ी से शॉपिंग कर लौटी थी। उधर सोनाली के पिता का कहना है कि बेटी शॉपिंग की बात कह कर घटना वाले दिन शिवांक के साथ उसकी गाड़ी में गई थी। कुछ देर बाद हल्दी की रस्म होने के कारण परिजनों ने जाने से रोका भी था, लेकिन सोनाली जल्द लौटने की बात कहकर चली गई। करीब डेढ़ घंटे बाद ही परिजनों को दोनों के जहर खाने की सूचना मिल गई।
शिवांक ने परिजनों से सोनाली से विवाह करने का रखा था प्रस्ताव
चर्चा यह है कि शिवांक ने अपने परिजनों से सोनाली से ही विवाह करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन दूसरी जाति होने के कारण परिजनों ने प्रस्ताव ठुकरा दिया था। इसी के चलते चाचा उमेश त्यागी ने अपनी ससुराल हापुड़ जिले के गांव सिखेड़ा से उसका रिश्ता तय कर दिया था। उक्त रिश्ते से शिवांक खुश नहीं था।
कोल्ड ड्रिंक में घोलकर पिया दोनों ने जहरीला पदार्थ
अतराड़ा के ग्रामीणों का कहना है कि शिवांक सुबह करीब 9 बजे घर से गाड़ी लेकर निकला था, लेकिन कुछ मिनट बाद ही वह लौटा और एक पेस्टिसाइड की दुकान पर सल्फास खरीदने के लिए पहुंचा। दुकानदार ने बिना परिजनों की सहमति के सल्फास देने से इंकार कर दिया। बाद में उसने किसी अन्य दुकानदार से सल्फास के तीन पैकेट खरीदे। घटनास्थल पर गाड़ी से पुलिस ने सल्फास के दो खाली पैकेट व एक पैकेट भरा हुआ और कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतल बरामद की है।
मोदीनगर में बैंक में नौकरी कर रहा था शिवांक
ग्रामीणों के अनुसार पहले शिवांक अपने चाचा उमेश के साथ हार्डवेयर की दुकान पर ही बैठता था, लेकिन अब कुछ समय से वह मोदीनगर स्थित किसी बैंक में नौकरी कर रहा था। रोजाना वह मोदीनगर आता-जाता था। बुधवार को वह नौकरी पर नहीं गया था।