प्री बोर्ड का पेपर देने से बचने के लिए हाईस्कूल के छात्र ने अपने ही अपहरण का ड्रामा रच दिया। उसने अपने मोबाइल फोन से अपनी बहन के मोबइल पर मेसेज भेजकर दो लाख की फिरौती मांगी। पुलिस ने इलेक्ट्रोनिक सर्विलांस के जरिए तलाश किया तो वह सोमवार देर रात अपनी मौसी के घर मवाना में मिला। छात्र ने स्वीकार किया कि मंगलवार को होने वाले पेपर से बचने के लिए उसने अपने अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी।
टीपीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि शिवपुरम निवासी एक व्यक्ति का बेटा हाईस्कूल का छात्र है। उसके प्री बोर्ड पेपर चल रहे हैं। मंगलवार को भी उसका पेपर है। सोमवार शाम चार बजे छात्र ने अपने पिता से किताबें लाने के लिए 150 रुपये लिए और घर से बाजार जाने के लिए चला गया। इसके बाद वह लौटकर नहीं आया। न ही उसके मोबाइल पर कॉल जा रही थी। परिजन परेशान होकर उसे तलाशने लगे।
रात आठ बजे छात्र की बहन के मोबाइल फोन पर छात्र के मोबाइल से मेसेज आया है कि छात्र का अपहरण हो गया है, दो लाख रुपये की फिरौती का इंतजाम कर लें। बहन ने यह बात अपने परिजनों को बताई। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हए तुरंत जांच पड़ताल शुरू कर दी। सर्विलांस की मदद से छात्र के मोबाइल की लोकेशन निकलवाई। लोकेशन के आधार पर पुलिस मवाना में फलावदा रोड पर पहुंची, जहां छात्र अपने मौसा के आवास पर मिल गया। एक घंटे के भीतर ही पुलिस ने उसे तलाश लिया।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि छात्र ने पूछताछ में बताया कि पेपर देने से बचने के लिए उसने ही अपने अपहरण का ड्रामा रचा था। वह घर से सीधा मवाना मौसी के घर चला गया। मोबाइल को फ्लाइट मोड पर लगा लिया। मौसी के घर से बहन को मेसेज को फिरौती का मेसेज किया और फिर मोबाइल फ्लाइट मोड पर लगा लिया। छात्र ने मेसेज करने के लिए मोबाइल को फ्लाइट मोड से हटाया था, उसी से उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर ली गई थी।
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