पटरी निर्माण के लिए वन विभाग की सबसे अधिक 113.68 हेक्टेयर जमीन मुजफ्फरनगर में है। मेरठ में 84.60 हेक्टेयर और गाजियाबाद में कुल 24.70 हेक्टेयर जमीन है। इसके अलावा पेड़ों के कटान के लिए भी अलग से जमीन की व्यवस्था की जानी है। इस पटरी निर्माण में मेरठ में 66685 पेड़, मुजफ्फरनगर में 16873 पेड़ और गाजियाबाद में 4164 पेड़ काटे जाने हैं। वहीं, बीच में विभाग के 25000 पेड़ काटे जाएंगे।
जाम का झाम होगा खत्म, कांवड़ यात्रा होगी सुगम
यह पटरी निर्माण पूरा होने से एक वैकल्पिक मार्ग भी तैयार हो जाएगा। जिससे आसानी से वाहन सीधे नहर की पटरी से दिल्ली से होते हुए उत्तर प्रदेश के शहरों से गुजरकर उत्तराखंड पहुंच सकेंगे। वहीं, पटरी का दोहरीकरण होने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी। कांवड़ यात्रा में बंद होने वाले हाईवे पर भी अधिक असर नहीं पड़ेगा। डाक कांवड़ पटरी से गुजर जाएंगी। पुलिस-प्रशासन की मशक्कत भी कम होगी।
वन विभाग की ओर से एक सप्ताह में सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी। इस बार शासन को पत्र लिख दिया है। हम नवंबर के पहले सप्ताह में टेंडर निकालने की पूरी तैयारी कर रहे हैं - राजीव कुमार, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग