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मेरठ में बड़ा मामला: फर्जी जन्म प्रमाण पत्र पर किशोरी को इंसाफ का इंतजार, उलझी पुलिस की जांच

Sat, 15 Apr 2023 05:51 PM IST
Dimple Sirohi गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ नगर निगम में फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले दलाल लोगों की मुसीबत बन रहे हैं। यहां किसी भी तारीख का नगर निगम से प्रमाण पत्र बनवाए जा सकते हैं। ऐसे ही एक प्रमाण पत्र ने पुलिस की जांच को उलझाकर रख दिया है। वहीं किशोरी न्याय के इंतजार में चक्कर काट रही है।
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जन्म प्रमाण पत्र - फोटो : istock
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विस्तार
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मेरठ नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का खेल चल रहा है। 1500-2000 रुपये में दलाल किसी भी तारीख का नगर निगम से प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। एक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र ने बाल कल्याण समिति और पुलिस की जांच को उलझा दिया है। चार दिन से एक लड़की इंसाफ के इंतजार में बाल कल्याण समिति में बैठी हुई है। लड़की खुद को बालिग बता रही है, जबकि परिजन उसको नाबालिग। अब पुलिस ने निगम से लिखित में मांगा है कि यह जन्म प्रमाण पत्र फर्जी है या असली। निगम ने तीन दिन में रिपोर्ट देने की बात कही है। 

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मामला लावड़ नगर पंचायत के एक गांव का है। मार्च 2023 में एक लड़की अपने प्रेमी के साथ चली गई। परिजनों ने लड़की को नाबालिग बताकर इंचौली थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। करीब एक माह में पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया है। लड़की ने खुद का बालिग बताकर परिजनों के साथ जाने से इनकार कर दिया।
 

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मेडिकल कराया गया है, जिसमें डॉक्टर ने 18 साल के आसपास उम्र होने का दावा कर दिया। पुलिस ने लड़की को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया है। परिजनों ने भी लड़की को नाबालिग बताकर मेरठ नगर निगम द्वारा जारी हुआ जन्म प्रमाण पत्र बाल कल्याण समिति को दिया है। यह प्रमाण पत्र अपहरण के तीन-चार दिन पहले ही निगम से बनवाया गया। प्रमाण पत्र पर तारीख देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। जन्म प्रमाण की जांच करने पुलिस की एक टीम दो दिन से नगर निगम में चक्कर काट रही है। 

मदरसे में पढ़ी हूं...मैं बालिग हूं 
लड़की ने कहा कि मैं मदरसे में पढ़ी हूं। मेरा आधार कार्ड भी नहीं है। मैं बालिग हूं, परिजनों ने गलत जन्म प्रमाण पत्र दिया है। मैं कहीं गई ही नहीं तो मेरा कैसे जन्म प्रमाण पत्र बन गया है। परिजन जानबूझकर मुझे नाबालिग बताकर घर ले जाना चाहते हैं।

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लड़की के विवेचक ने बयान लिए। परिजनों का दावा है कि अपहरण से 3-4 दिन पहले ही लड़की का निगम से जन्म प्रमाण पत्र बनवाया था। सवाल उठता है कि गांव में रहने वाली लड़की का जन्म प्रमाण पत्र नगर निगम ने कैसे बना दिया। 

फर्जी जन्मप्रमाण पत्र है, जांच कराऊंगा 
निगम में पुलिस वाले आए थे, जो जन्म प्रमाण पत्र उन्होंने दिखा है, वह प्राथमिक जांच में फर्जी लग रहा है। इस प्रमाण पत्र पर बार कोड भी गलत बताया है। विभाग द्वारा पूरी जांच कराऊंगा और फिर लिखित में पुलिस को इस जन्म प्रमाण पत्र की जानकारी दूंगा। अब हमारे यहां पर जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी नहीं बन सकता। मैं खुद कागजों का वेरीफिकेशन करता हूं। दिनभर बैठकर कर्मचारियों से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाता हूं। नगर निगम परिसर में बैठे दलालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।  -डॉ. गजेंद्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम
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