स्थायी और अस्थायी दुकानों की व्यवस्था पर विचार
अवनीश अवस्थी ने बताया कि सरकार कई नई योजनाओं और नीतियों पर विचार कर रही है। ऐसे स्थान भी चिह्नित किए गए हैं, जहां प्रभावित व्यापारियों के लिए स्थायी और अस्थायी दुकानों की व्यवस्था की जा सकती है। इससे व्यापार प्रभावित नहीं होगा और आवासीय व्यवस्था भी पूरी तरह वैध स्वरूप में विकसित की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को लगभग दो महीने का समय दिया है, लेकिन सरकार अगले 10 दिनों के भीतर दोबारा मेरठ आकर पूरे मामले की समीक्षा करेगी। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी।
न्यायालय के आदेश सर्वोपरि, राहत भी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री के सलाहकार ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों को राहत देने और स्थायी समाधान निकालने के लिए जो भी संभव सहायता होगी, वह उपलब्ध कराई जाएगी। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है और प्रशासन पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।
बैठक में आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह, उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह, मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
धरनास्थल पर जारी रहा विरोध, व्यापारियों में बढ़ी तकरार
दूसरी ओर शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट के सेक्टर-दो में महिलाओं का धरना लगातार जारी रहा। धरनारत महिलाएं बाजार बंद रखने की अपील करती रहीं, जबकि कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें खुली रखीं। इसे लेकर व्यापारियों के बीच मतभेद और नोकझोंक की स्थिति भी देखने को मिली। विशेष रूप से वाणिज्यिक भूखंडों पर संचालित दुकानों को बंद कराने को लेकर विवाद की स्थिति बनी रही।