सुनील पर थाना हस्तिनापुर में लूट, डकैती व हत्या समेत लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे थे। इसके साथ ही दिल्ली में क्षेत्र के भी कई मुकदमे दर्ज थे। फिलहाल सुनील बहसूमा थाना के किसी मुकदमे में जिला कारागार में बंद था।
जिला कारागार मेरठ में वह कुछ दिनों पहले ही केंद्रीय कारागार दिल्ली से स्थानांतरित होकर यहां आया था। पुलिस द्वारा बताया गया कि जिला कारागार में रविवार की सुबह प्रार्थना हुई और उसके बाद उसकी तबीयत खराब हुई। जिसे तुरंत मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के लिए भेज दिया गया। जहां इलाज के दौरान सुनील ने दम तोड़ दिया।
कैदी की उसकी मौत की सूचना जेल प्रशासन को दी गई। थाना पुलिस के माध्यम से यह सूचना उसके परिजनों को दी गई। इसके बाद परिजन जिला कारागार मेरठ पहुंचे जहां से पुलिस कार्रवाई होने के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।
कैंसर से जूझ रहा था सुनील
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुनील 302, 307 का मुजरिम था। सितंबर 2023 में उसे दिल्ली सेंट्रल जेल से मेरठ जेल में शिफ्ट किया गया था। नवंबर 2024 से बंदी की हालत खराब चल रही थी। वो कैंसर पीड़ित था। यहां जेल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था।
दिसंबर 2024 में भी उसे को 20 दिन मेडिकल अस्पताल में भर्ती रखा गया जहा उसका इलाज चला। सुनिल एम्स दिल्ली में भी भर्ती रहा जहां इलाज चलता रहा। लेकिन लगातार उसकी हालत खराब हो रही थी। अब मेरठ मेडिकल में रविवार को उसकी मौत हो गई।