फटकार के दौरान जब लिसाड़ी गेट के थानेदार दलवीर सिंह ने खुद को अंडर ट्रांसफर (स्थानांतरण के अधीन) बताया, तो एसएसपी और नाराज हो गए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, कहीं ऐसा न हो कि दूसरे जिले में निलंबन पर ही आमद दर्ज करानी पड़े। इसके बाद एसएसपी ने मौके पर ही अपने रीडर को बुलाकर तीनों थाना प्रभारियों के खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अन्य थानेदारों ने भी जनता की सुनवाई में लापरवाही बरती, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
एक साल पुरानी शिकायत पर जनसुनवाई प्रभारी भी नपे
जनसुनवाई के दौरान गुरुग्राम से आए एक होटल कर्मचारी ने ठगी से जुड़े एक साल पुराने मामले की लंबित शिकायत एसएसपी के सामने रखी, जिसके दौरान जिले में दो एसएसपी तक बदल चुके थे। इतने लंबे समय तक मामले का निस्तारण न होने पर एसएसपी ने जनसुनवाई प्रभारी संतोष कुमार सिंह से जवाब मांगा। उनकी सफाई से असंतुष्ट होकर एसएसपी ने उन्हें भी कड़ी फटकार लगाई और उनके खिलाफ भी प्रारंभिक जांच के आदेश दे दिए।
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