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बीएवी मैदान पर 35 साल बाद हॉकी की वापसी

Tue, 22 Mar 2016 08:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करतीं डीआईजी लक्ष्मी सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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बीएवी इंटर कॉलेज के मैदान पर फिर से हॉकी का जुनून देखने को मिलेगा। 35 साल बाद फिर से हॉकी एकेडमी की शुुरुआत की गई है। इस मैदान पर कई दिग्गज खिलाड़ी खेल की बारीकियां सीख चुके हैं। हापुड़ अड्डा स्थित बीएवी इंटर कॉलेज के मैदान पर सोमवार को डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने एकेडमी का शुभारंभ किया।
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प्रबंध समिति और अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा के सहयोग से एकेडमी को दोबारा से शुरू किया गया है। एकेडमी में योगेंद्र सिंह नियमित तौर पर हॉकी खिलाड़ियों को तराशेंगे। इस मौके पर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष आदित्य प्रकाश शर्मा, प्रबंधक रजनीकांत शर्मा, कोषाध्यक्ष बीएन शर्मा, प्रधानाचार्य डॉ. पीके शर्मा, रेखा शर्मा, सुशील सिंह, राजेश अग्रवाल, संजय शर्मा, कामेश्वर त्यागी, विजन विद्यापीठ एकेडमी के संचालक रविंद्र विहान, पूजा विहान, हाकी कोच जोगेंद्र सिंह मौजूद रहे।

एनएएस एकेडमी ने जीता मैच 
उद्घाटन मैच विजन विद्यापीठ और एनएएस एकेडमी की महिला टीमों के बीच खेला गया। एनएएस एकेडमी ने 1-0 से मैच जीत लिया। 

स्वर्णिम है इतिहास 
कॉलेज का इतिहास बहुत पुराना है। एक समय था जब यूपी का नेतृत्व पूरी बीएवी इंटर कॉलेज की टीम करती थी। इन्होंने दिल्ली में हुई नेशनल हॉकी प्रतियोगिता में पदक जीतकर मेरठ को नई पहचान दी थी। 35 वर्ष के इंतजार के बाद फिर से एकेडमी शुरू की गई है। इस एकेडमी से निकली कई प्रतिभाओं ने हॉकी जगत में बड़ा नाम कमाया है।
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80 -90 का दौर था शानदार
जानकार बताते हैं कि 80 व 90 का दशक बीएवी मैदान का स्वर्णिम दौर था। इस दौर में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर मेरठ का नाम विश्व पटल तक पहुंचाया था। लेकिन प्रदेश सरकार ने यहां के हॉकी हास्टल को सन 1997 में रामपुर शिफ्ट कर दिया। इसके बाद बीएवी का स्तर लगातार गिरता रहा और एकेडमी बंद करनी पड़ी।

ये दिग्गज यहां से निकले 
इस मैदान ने रोमियो जेम्स, एनपी सिंह जैसे अर्जुन अवार्ड और विवेक सिंह, सुजीत सिंह, प्रमोद बाटला, मोहम्मद अजीज जैसे दर्जनों दिग्गज और ओलंपियन दिए हैं। भारतीय टीम का लंबे समय तक हिस्सा रहे सुबोध खांडेकर, नागेंद्र सिंह, सुनील सेठ, मो नईम जैसे इन खिलाड़ियों ने बीएवी के मैदान पर ही खेल की बारीकियां सीखी थीं।


बीएवी के मैदान का इतिहास स्वर्णिम है। यहां के कई खिलाड़ी भारतीय टीम में खेले हैं। मैंने भी सन 1983 से 1989 तक बीएवी में पढ़ते हुए हॉकी के गुर सीखे थे। इसी मैदान की बदौलत में यहां तक पहुंचा हूं। - वीरेंद्र सिंह, अंतरराष्ट्रीय अंपायर

बीएवी मैदान से लोगों का प्रेम और लगाव जुड़ा है। इस मैदान की माटी में ही खिलाड़ी तैयार करने का हुनर है। बीएवी एकेडमी के शुरू होने से मेरठ में हॉकी को बढ़ावा मिलेगा। - जोगेंद्र सिंह, कोच
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बीएवी एकेडमी शुरू होने से मेरठ में एक बार फिर से हॉकी को बढ़ावा मिलेगा। यह शुभ संकेत है।  - प्रमोद बाटला, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
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