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भाजपा में सर्वे रिपोर्ट से उड़ी दावेदारों की नींद

Tue, 22 Mar 2016 08:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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मेरठ बीजेपी। - फोटो : फाइल फोटो
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भाजपा नेतृत्व भले ही प्रदेश अध्यक्ष घोषित न कर पाया हो, लेकिन यूपी चुनाव के लिए तैयारी महीनों पहले शुरू हो चुकी है। भाजपा ने प्रदेश की सभी सीटों पर सर्वे करा लिया है। इस सर्वे में जहां दावेदारों का वरीयता क्रम तय किया गया है। वहीं, जातिगत आधार भी निकलवाया गया है। यही नहीं, सर्वे के आधार पर भाजपा ने प्रत्येक विधानसभा को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है। इस सर्वे रिपोर्ट की चर्चा के बाद दावेदारों की नींद उड़ गयी है। 
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भाजपा सूत्रों के अनुसार भाजपा नेतृत्व द्वारा प्राइवेट एजेंसी से कराए गए इस सर्वे में प्रत्येक विधानसभा में वहां के जातिगत आंकड़ों और स्थिति पर रिपोर्ट मांगी गयी थी। साथ ही क्षेत्र में भाजपा का कौन सक्रिय नेता ऐसा है जो मुख्य दावेदार हो सकता है, इसकी रिपोर्ट भी तैयार करायी गयी। इसके अलावा उस विधानसभा में भाजपा की स्थिति क्या होगी? यह भी सर्वे रिपोर्ट में मांगा गया था। 

मेरठ में सात विधानसभा सीट आती हैं। इनमें शहर, कैंट, दक्षिण और सरधना विधानसभा सीट जहां ए श्रेणी में हैं, तो सिवालखास, हस्तिनापुर और किठौर को बी श्रेणी में रखा गया है। ए श्रेणी की इन चारों विधानसभा सीटों पर इस समय भाजपा का कब्जा है। सर्वे रिपोर्ट में इस बार भी चारों सीटों को ए श्रेणी में बताया गया है। जबकि सिवालखास, हस्तिनापुर और किठौर ऐसी सीट हैं, जहां भाजपा जीत हासिल कर सकती है। 
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दावेदारों की लंबी है सूची
भाजपा में प्रत्येक सीट पर दावेदारों की लंबी सूची है, लेकिन शहर और सरधना विधानसभा सीट ऐसी हैं, जहां पर दोनों वर्तमान विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और ठा. संगीत सोम का टिकट पक्का माना जा रहा है। जबकि कैंट और दक्षिण में बदलाव की उम्मीद की जा रही है। ऐसे में इन सभी सीटों पर दावेदार ज्यादा सक्रिय हैं, लेकिन सर्वे रिपोर्ट की चर्चा ने इनकी नींद उड़ा दी है। क्योंकि कुछ दावेदार ऐसे हैं जो क्षेत्र में सक्रिय होने के बजाए नेताओं की चौखट पर नतमस्तक होते रहे। ऐसे दावेदारों में कुछ सर्वे रिपोर्ट से पूरी तरह बाहर हैं तो कुछ सर्वे रिपोर्ट में शामिल तो हुए, लेकिन उनके अंक दूसरे दावेदारों की तुलना में बहुत कम है। चूंकि यह सर्वे रिपोर्ट राष्ट्रीय नेतृत्व के पास भी जानी है और टिकट तय करने में यह रिपोर्ट कारगर होगी। इसके चलते दावेदारों में बेचैनी है।
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