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रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: शेविंग क्रीम और एंटीबायोटिक दवा जांच में फेल, अधिकारियों में मचा हड़कंप

Tue, 15 Jan 2019 09:56 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो
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मेरठ में दो नामी कंपनियों की शेविंग क्रीम मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। एफएसडीए की औषधि विंग द्वारा लिए गए सैंपल सब स्टैंडर्ड निकले हैं। इनमें प्रोडक्ट के लेबल पर जो मानक लिखे हुए थे, वह भी पूरे नहीं निकले हैं। साथ ही फॉम (झाग) कम पाया गया है। हाल ही में आई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

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खैरनगर में छाबड़ा ट्रेडर्स से एफएसडीए ने 21 जून 2018 को एक शेविंग क्रीम का सैंपल लिया था। जो मानकों पर खरा नहीं उतरा है। यह 125 ग्राम की शेविंग क्रीम है। वहीं, दूसरा सैंपल भी इसी दिन कननगोगाम स्थित चड्ढा लाल जनरल स्टोर से लिया गया था। यह शेविंग क्रीम 78 ग्राम की थी। इन दोनों की फॉमिंग पावर (झाग की क्षमता) मानक से करीब आधी निकली है। ड्रग्स इंस्पेक्टर पवन कुमार शाक्य ने बताया कि इन दोनों मामलों में नोटिस जारी किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एंटीबायोटिक दवा में कम निकला साल्ट
ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि एंटीबायोटिक दवा सएफ्टेच एलबी 200 टेबलेट का सैपल भी सब स्टैंडर्ड निकला है। इसमें लेबल पर दर्शाए गए 200 मिलीग्राम की जगह 111.30 मिलीग्राम साल्ट निकला है। इसमें सेफिक्सिम और लैक्टिक एसिड बेसिलस साल्ट है। यह दवा कान, नाक, साइनस, गले, छाती और फेफड़े के संक्रमण आदि में प्रयोग होती है। उन्होंने बताया कि यह सैंपल प्रहलादनगर से आरजी मेडिकल स्टोर से 26 जुलाई 2018 को लिया गया था। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

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डेढ़ साल में 122 दवा सैंपलों की नहीं आई रिपोर्ट
एफएसडीए की औषधि विंग ने करीब डेढ़ साल में दवा आदि के 224 सैंपल जांच के लिए भेजे थे। इनमें से 102 सैंपलों की ही रिपोर्ट आई है। 122 सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है। दवाओं के सैंपलों की जांच लखनऊ की प्रयोगशाला में होती है। सैंपलों के दबाव के कारण रिपोर्ट आने में देरी होती है। यही वजह है कि पिछले तीन माह से किसी दवा के सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई थी। अब नए साल में 20 सैंपलों की रिपोर्ट आई है।

मानक से कम हैं 19 ड्रग इंस्पेक्टर 
मेरठ में करीब चार हजार मेडिकल स्टोर हैं। मानकों के अनुसार 200 मेडिकल स्टोरों पर एक ड्रग इंस्पेक्टर होना चाहिए। लेकिन एक ही ड्रग इंस्पेक्टर तैनात है। लिहाजा 19 कम हैं। दो ड्रग इंस्पेक्टरों की यहां तैनाती है, लेकिन इनमें से एक पद खाली चल रहा है।

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