मेरठ में एक मकान में दो लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का मामला पीएमओ कार्यालय तक पहुंच गया। जिसके बाद पीएम कार्यालय से थाने में फोन आने पर पुलिस में हड़कंप मच गया। फोन पर पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई और रात में ही पादरी व हिरासत में लिए गए अन्य लोगों को छोड़ दिया गया।
ढिकौली रोड पर एक मकान में विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को दो लोगों के धर्म परिवर्तन कराने की सूचना मिली थी। जिस पर कार्यकर्ताओं ने मकान पर पहुंचकर पादरी व उसके साथियों के साथ मारपीट करते हुए हंगामा किया था। सूचना पर पहुंची पुलिस पादरी व उसके साथियों को थाने ले आई थी। जहां विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर आरोपियों का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन व नारेबाजी शुरू कर दी थी।
सीओ के आश्वासन के बाद ही कार्यकर्ता शांत हुए थे। इस मामले में योगेंद्र ने पादरी व उसके साथियों के खिलाफ तहरीर दी थी। सोमवार देर रात ही यह प्रकरण पीएमओ कार्यालय तक पहुंच गया। देर रात थाने में पीएमओ कार्यालय से फोन आने पर थाने में हड़कंप मच गया। फोन पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली गई।