फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut: 17 बंदूक, 700 कारतूस बरामदगी से मचा था तहलका, 11 के खिलाफ चार्जशीट; जानें पूरा मामला

Tue, 02 Sep 2025 10:10 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

यूपी एसटीएफ ने कंकरखेड़ा से रोहन को 17 बंदूक व 700 कारतूस के साथ पकड़ा था। फिर अनिल बंजी को तीन विदेशी राइफल समेत धरा था। उसकी मामले में कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई है। 
विज्ञापन
कोर्ट में पेश की चार्जशीट। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश के कई राज्यों में हथियारों की तस्करी करने वाले संजीव जीवा गैंग के सदस्य अनिल बंजी समेत उसके गिरोह के 11 लोगों के खिलाफ एसटीएफ ने एक हजार पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। इनमें बागपत के लोहड्डा गांव निवासी दरोगा राकेश का बेटा रोहन जमानत पर जेल से बाहर है। अन्य आरोपी जेल में हैं। एसटीएफ के एएसपी बृजेश सिंह का दावा है कि सभी आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य हैं।
विज्ञापन

 

यूपी एसटीएफ ने 23 नवंबर 2024 को कंकरखेड़ा से रोहन को गिरफ्तार किया था। रोहन के पिता यूपी पुलिस में दरोगा हैं। उसके पास से 17 बंदूक, 700 कारतूस बरामद हुए थे। एसटीएफ ने 20 दिसंबर 2024 को अनिल बंजी को गिरफ्तार किया और उसके पास से तीन विदेशी राइफल, कारतूस बरामद किए।
 

ड्रोन की मदद से पाकिस्तान से मंगाते थे पिस्टल-कारतूस
आरोपी की धरपकड़ के बाद खुलासा हुआ कि ड्रोन की मदद से पाकिस्तान से पिस्टल-कारतूस मंगवाकर यह गिरोह देश के कई हिस्सों में तस्करी करता है। एसटीएफ ने गिरोह से जुड़े पंजाब में मरहट्टा गन हाउस अटारी रोड अमृतसर के मालिक शेजपाल सिंह और धनधन बाबा दीप सिंह गन हाउस मालिक गुरविंदर जीत सिंह को गिरफ्तार किया था। इन लोगों ने फर्जी बिल बुक और फर्जी लाइसेंस नंबरों पर हथियार व कारतूस बेचे थे। इसके अलावा भी गिरोह के कई अन्य सदस्यों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था।
 

एयरफोर्स में था अनिल, वीआरएस लेकर हथियार तस्करी में जुटा
मुजफ्फरनगर जिले के सिसौली निवासी अनिल बंजी वर्ष 1989 में एयरफोर्स में भर्ती हुआ था। वर्ष 2009 में उसने वीआरएस लेकर हथियारों की तस्करी शुरु कर दी थी। अनिल बंजी ने रोहित निवासी मंगलोरा करनाल हरियाणा, कुर्बान व रिहान निवासी खुर्जा बुलंदशहर एवं शारिक निवासी लिसाड़ी गेट से अवैध हथियारों की खरीदारी की। 
 

रोहित का भाई राहुल आर्मी में तैनात था, जो पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए बार्डर पर पिस्टल मंगाता था। इसके बाद लॉरेंस बिश्नोई और नीरज बवाना गिरोह को हथियार सप्लाई किए जाते थे। अनिल बंजी अपने साथी रोहित, कुर्बान, रिहान एंव शारिक से भी हथियार खरीदता था। गिरोह ने सुशील फौजी गिरोह के लिए काम करने वाले विकास भदौड़ा और गुरुग्राम हरियाणा के सन्नी गिरोह को हथियार सप्लाई किए। 
 
विज्ञापन

इसके अलावा आजाद, अमर उर्फ अवध बिहारी निवासीगण दादूपुर दनकौर गौतमबुद्धनगर, कपिल प्रधान उर्फ ताऊ निवासी गुराना, बंटी सलारपुर गंगानगर, सुधीर प्रधान निवासी वाजिदपुर, मोंटी उर्फ निखिल निवासी दीनपुर नजफगढ़ दिल्ली, राजीव और नितिन दीक्षित निवासी लोहड्डा, अमरपाल निवासी लालूखेड़ी थाना तितावी मुजफ्फरनगर, अक्षय निवासी जौहड़ी बागपत आदि को हथियार सप्लाई किए।

ये भी देखें...
Meerut: सिटी रेलवे स्टेशन के पास बने बस अड्डा, विधायक और अफसरों ने यहां देखी जमीन, लिंक रोड पर कही ये बात    
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें