रोजाना सात लाख यात्री करेंगे सफर
एनसीआरटीसी की तरफ से एक साल पहले रैपिड रेल के लिए यात्रियों से सुझाव लिए गए थे। एनसीआरटीसी ने सर्वे में बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर सर्वे कराकर इस प्रोजेक्ट के लिए राय मांगी थी। इसके तहत सामने आया कि एक दिन में सात लाख 40 हजार यात्री रैपिड रेल से सफर कर सकेंगे। इससे दिल्ली से मेरठ जाने वाले हजारों दैनिक यात्रियों को भी लाभ मिलेगा।
लगातार दिया जा रहा फंड
इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की तरफ से साल 2018 से फंड दिया जा रहा है। हाल के बजट में केंद्र सरकार ने एक हजार करोड़ और प्रदेश सरकार ने 400 करोड़ रुपये दिए थे। केंद्र सरकार को इस प्रोजेक्ट के लिए 5 हजार 634 करोड़ रुपये देने हैं। 2018 में केंद्र सरकार ने 659 करोड़ और प्रदेश सरकार ने 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी
रैपिड रेल को आधुनिक सुविधाओं से लैस रखा जाएगा। इसमें एक बिजनेस और एक महिला कोच की व्यवस्था रहेगी। वहीं, टिकट के लिए लेटेस्ट सॉफ्टवेयर प्रणाली, सीसीटीवी, दिव्यांगों के लिए सुविधा दी जाएगी।
टाउनशिप भी की जाएंगी डेवलप
रैपिड रेल प्रोजेक्ट के साथ-साथ दिल्ली-मेरठ रूट के बीच टाउनशिप डेवलप की जाएंगी, जिससे आने वाले दिनों में मेरठ में भी रोजगार के अवसर खुलेंगे। इसके लिए आईटी पार्क भी तैयार किया जा रहा है। रैपिड रेल के चलने के बाद बाईपास पर टाउनशिप डेवलप की जाएंगी।
यह भी जानें
कुल किलोमीटर - 82
कुल प्रस्तावित समय - 60 मिनट
कुल स्टेशन - 22
एलीवेटेड स्टेशन - 17
अंडरग्राउंड स्टेशन - 05
ये हैं स्टेशन
सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नार्थ, मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस, डौरली, मेरठ नार्थ, मोदीपुरम।
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