एनसीआर में मेरठ की वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। पिछले 24 घंटे के भीतर एनसीआर में मेरठ का वायु प्रदूषण सातवें स्थान से हटकर छठवें नंबर पर पहुंच गया। इस दिन शहर का एक्यूआई 322 दर्ज किया गया। लगातार खतरनाक स्तर पर वायु प्रदूषण होने की वजह से चिंता बढ़ गई है।
लाल श्रेणी में दर्ज मेरठ का वायु प्रदूषण लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कतें हो रही हैं और आंखों में जलन बढ़ती जा रही है। मंगलवार को भी स्मॉग सुबह के समय धुंध की तरह छाया रहा। एनसीआर में इस दिन सबसे अधिक एक्यूआई हापुड़ का 385 पर रहा। जबकि, दूसरे नबंर पर नोएडा 372 पर, तीसरे नंबर पर ग्रेटर नोएडा 364 पर,चौथे नंबर पर दिल्ली 351 पर, पांचवें नंबर पर गाजियाबाद 346 पर और छठवें नंबर पर मेरठ का एक्यूआई 322 पर रिकॉर्ड किया गया।
इनसेट
पहाड़ों पर बर्फबारी से गलन बढ़ने का अनुमान
मोदीपुरम।
पिछले दो दिनों से शहर का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पहाड़ों पर पिछले दो दिनों में बर्फबारी बढ़ी है। इस कारण से मैदानी क्षेत्रों मेंं भी ठंड का असर बढ़ता जा रहा है। ठंड के बीच गलन बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। मंगलवार को दिन में धूप भी खिली हुई थी, लेकिन ठंड का असर कम नहीं हुआ। चौधरी चरण सिंह विवि के मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढ़ेगी और तापमान कम होगा। रात में भी सर्दी बढ़ती जा रही है।
इनसेट
100 से कम होना चाहिए वायु गुणवत्ता सूचकांक
0-50 अच्छा माना जाता है
51-100 तक एक्यूआई मध्यम होता है।
100 से ऊपर होने पर हवा की गुणवत्ता खराब होने लगती है। 101 से 150 तक एक्यूआई संवेदनशील समूहों के लिए खराब माना जाता है।
200 से 300 बहुत खराब होता है
301-400 खतरनाक और 401 से500 बहुत खतरनाक होता है।
ये रहा प्रदूषण का हाल
बागपत 392
बुलंदशहर 321
मेरठ 322
दिल्ली 351
गाजियाबाद 346
हापुड 385
मुजफ्फरनगर 307
नोएडा 372
ग्रेटर नोएडा 364
पल्लवपुरम 322
जय भीमनगर 321
गंगानगर 314