मेरठ में चौधरी चरण सिंह जिला कारागार सिर्फ कैदियों के सजा काटने की जगह नहीं रह गई है, इनको कई तरह के व्यावसायिक हुनर सिखाकर यहां आत्मनिर्भर भी बनाया जा रहा है। सात महिलाओं समेत 98 कैदियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा। साथ ही अंग्रेजी बोलने और कंप्यूटर प्रशिक्षण की भी तैयारी शुरू कर दी गई है।
जेल में कैदियों को सिलाई कढ़ाई, ऑर्गेनिक खेती, कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्दी इन बंदियों को अंग्रेजी भाषा बोलना सिखाया जाएगा, जिसकी मदद से वे रिहाई के बाद समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर आजीविका का इंतजाम कर सकेंगे।
जेलर राकेश वर्मा ने बताया कि कैदियों के लिए इंडिया विजन फाउंडेशन व कौशल विकास मिशन के तहत बैच चल रहे हैं। इन सभी कैदियों को कंप्यूटर की शिक्षा के साथ ही अंग्रेजी बोलने की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इसके साथ ही उन्हें अन्य कोर्सों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षक ने बताया कि कैदियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण के तहत एमएस वर्ड, एक्सेल और प्रेजेंटेशन पर काम करना सिखाया जा रहा है। साथ ही उन्हें सोशल मीडिया से भी अवगत कराया जा रहा है। प्रशिक्षण में कैदियों को साइबर सिक्योरिटी के बारे में बताया जा रहा है कि वे खुद को साइबर अपराध से कैसे सुरक्षित रखें।
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