आईजी ऑफिस पहुंची महिला ने बताया कि उसका पति यूपी पुलिस में दरोगा है, जिसकी तैनाती गाजियाबाद में है। आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा। कुछ माह पूर्व महिला के देवर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में शिकायत करने पर ससुराल वालों ने मारपीट करते हुए उसे घर से निकाल दिया। पति, देवर और ससुराल वालों के खिलाफ उसने एक माह पूर्व रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसके बयान भी दर्ज हो चुके हैं। इसके बाद भी परतापुर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पुलिस कह रही है कि मरने के बाद ही मिलेगा इंसाफ
उसने बताया कि गर्भावस्था में उसे अधिकारियों के यहां भटकना पड़ रहा है। उसे एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय चक्कर कटाए जा रहे हैं। अब उसे आईजी के यहां से सीओ कार्यालय जाने को बोल दिया गया। आरोप है कि पुलिस यह तक कह रही है कि उसे मरने के बाद ही इंसाफ मिलेगा। यदि ऐसा है तो वह बच्चे को जन्म देने से पहले जान दे देगी। पीड़िता ने योगी सरकार में महिला सुरक्षा के दावों को लेकर भी तमाम तरह के सवाल खड़े किए। रोते-बिलखते हुए वह मौके से चली गई।
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