पल्लवपुरम फेज-1 में शुक्रवार सुबह चार बजे विद्युत लाइन में फॉल्ट आने के बाद क्षेत्र के लोग करीब 12 घंटे तक बिजली संकट से जूझते रहे। बिजली आपूर्ति ठप होने से पेयजल व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई। भीषण उमस और गर्मी के बीच लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया। घरों में लगे इनवर्टर जवाब दे गए, जबकि पानी की मोटर बंद रहने से लोगों को पीने के पानी तक के लिए परेशानी उठानी पड़ी। इससे क्षुब्ध लोगों ने बिजलीघर पहुंचकर हंगामा किया।
पिछले करीब दो महीने से क्षेत्र में बिजली कटौती और फॉल्ट की समस्या लगातार बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग केवल अस्थायी मरम्मत कर आपूर्ति बहाल कर देता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि आएदिन बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
दीपांशु सक्सेना, अभिषेक वर्मा, नितिन जुनेजा, करण शर्मा और अमोल मल्होत्रा आदि ने बताया कि शुक्रवार को सुबह चार बजे से बिजली गुल है। कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
नितिन जुनेजा ने ऊर्जा मंत्री को संबोधित पत्र में भी आरोप लगाया है कि पूर्व में कई शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर शिकायतों की अनदेखी करने और समय पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पल्लवपुरम फेज-1 की विद्युत व्यवस्था का तकनीकी परीक्षण कर बार-बार आने वाले फॉल्ट का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि भविष्य में लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। अवर अभियंता राहुल सिसौदिया ने बताया कि सुबह चार बजे आए फॉल्ट की तलाश की जा रही है। तकनीकी टीम लगातार लाइन की जांच में जुटी है। फॉल्ट मिलते ही विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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