इंस्पेक्टर ने बताया है कि केमिकल फैक्टरियों के मालिकाना हक में राकेश और नितिन जैन उर्फ गु्ड्डू का नाम सामने आया था। दोनों को रविवार को नोटिस दिया गया था। एसआईटी ने सोमवार दोपहर तक दोनों से समस्त कागजात एसआईटी के सामने प्रस्तुत करने को कहा था। जिसमें एक साल के दौरान कहां से केमिकल खरीदा, कहां बेचा, एक साल के एकाउंट में कहां से पैसा आया और कहां-कहां धनराशि ट्रांसफर की गई, इसका पूरा ब्यौरा मांगा था। लेकिन केमिकल की खरीद-फरोख्त में ही नितिन जैन फंस गए।
यह भी पढ़ें: ये है नकली पेट्रोल-डीजल का असली सच, जलेबी के रंग से तैयार करते थे तेल, तस्वीरों में देखिए
यह था असली खेल
पारस केमिकल में नितिन जैन मिलावटी तेल का काम करता था। नितिन जैन ने लिखा पढ़ी में अपनी बेस्ट ऑयल के नाम से फैक्टरी दर्शायी थी। दोनों की दूरी भी काफी बताई जा रही थी। एसआईटी ने इसकी जांच की, जिसमें पता चला कि बेस्ट ऑयल फैक्टरी खंडहर थी। जांच में सामने आया कि नितिन जैन भी पारस केमिकल फैक्टरी में बैठता था। जहां से नकली-पेट्रोल डीजल बनाने का धंधा चलता था।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/