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कुख्यात शरद गैंग के छह साथी गिरफ्तार, दिल्ली-मेरठ हाईवे पर करते थे लूट, 27 मोबाइल बरामद

Sat, 02 Nov 2019 10:01 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह - फोटो : अमर उजाला
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अंतरराष्ट्रीय सरगना कुख्यात शरद गोस्वामी गैंग के छह साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। टीपीनगर पुलिस ने शरद के गिरोह के दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि इसी गैंग के चार युवकों को परतापुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने 27 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह गिरोह पिछले साढ़े चार साल से शरद गैंग से जुड़कर मेरठ, मोदीनगर, मुरादनगर, गाजियाबाद, नोएडा और हापुड़ से मोबाइल फोन उड़ा रहा था।

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एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह ने शनिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि टीपीनगर एसओ दिनेश कुमार ने शुक्रवार शाम वाहनों की चेकिंग करते समय बाइक सवार दो युवकों को पकड़ा। युवकों के बैग की तलाशी ली तो उसमें मोबाइल फोन थे। एसपी सिटी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी शबाब और उसका भाई अरशद पुत्र इरशाद निवासी एक मीनार मस्जिद थाना लिसाड़ीगेट हैं। दोनों के पास से पुलिस ने 23 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शबाब ने बताया कि वह ब्रह्मपुरी निवासी शरद गोस्वामी से 2015 में जुड़ा था। जिसके बाद शरद ने चोरी और मोबाइल लूटने पर पैसे दिए थे। शबाब और उसके भाई ने बताया कि करीब 500 से अधिक मोबाइल शरद को दिए जा चुके हैं। जिसमें शरद प्रत्येक मोबाइल पर एक हजार रुपये देता था। शरद के जेल जाने के बाद इन मोबाइल को बेचने की फिराक में थे।

चोरी, लूट और गाड़ियों से उड़ाए मोबाइल

शबाब और अरशद ने बताया कि वह मेरठ समेत कई जिलों में मोबाइल चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। शाम के बाद बाइक पर मोबाइल लूटते थे। वहीं बस अड्डे और बसों में बैठकर मोबाइल चोरी कर लेते थे। मुरादनगर, मोदीनगर, परतापुर, दिल्ली रोड पर जो भी परिवार अपनी गाड़ी में भीड़भाड़ में होता था या गाड़ी खड़ी होती थी। वहां ठक-ठक गिरोह की तरह काम करते थे। इंजन ऑयल निकलना, टायर में पंचर होने की बात कहकर कार चालक का ध्यान भटका देते थे। उसके बाद कार से बैग या मोबाइल उड़ाते थे।

जैसा मोबाइल, वैसा ही कमीशन
शबाब और अरशद ने बताया कि जैसा मोबाइल होता था, वैसा ही कमीशन मिलता था। 10 हजार के मोबाइल पर शरद एक हजार रुपये और 20 हजार रुपये पर दो हजार रुपये प्रति मोबाइल देता था। यदि मोबाइल महंगा और नया होता था तो ढाई से तीन हजार रुपये मिलते थे।

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परतापुर में चार युवक पकड़े

एसपी सिटी ने बताया कि परतापुर पुलिस ने रिठानी में चेकिंग के दौरान मनीष गिरी निवासी जैनपुर, रवि निवासी झिटकरी, जितेंद्र निंवासी जैनपुर थाना परतापुर और अमित निवासी जैनपुर को पकड़ा है। चारों युवकों के पास से तीन मोबाइल और 16 सौ रुपये बरामद हुए हैं। यह गिरोह भी शरद गैंग से जुड़ा है, जो पिछले एक साल में 200 से अधिक मोबाइल शरद के पास पहुंचा चुका है। इसी गिरोह ने 25 अक्तूबर को नरहाड़ा मार्ग पर ओमवीर से मोबाइल और नकदी लूटी, 29 अक्तूबर को पुजारी भगवान मिश्रा से मोबाइल लूटा। 30 अक्तूबर को भी दो लोगों से नकदी लूटी थी।

जेल में बंद है कुख्यात शरद
ब्रह्मपुरी निवासी शरद गोस्वामी ने पिछले पांच साल में मोबाइल और अनैतिक देह व्यापार के धंधे से 10 करोड़ से अधिक संपत्ति की काली कमाई की। जिसके बैंक खातों में 82 लाख रुपये मेरठ पुलिस ने सीज कराए। शरद के मेरठ, फरीदाबाद और गुरुग्राम में फ्लैट हैं। करीब अलग-अलग राज्यों से एक लाख से अधिक मोबाइल आईएमईआई नंबर बदलकर नेपाल के रास्ते दूसरे देशों में भिजवा चुका है। एक माह पहले ही शरद को गिरफ्तार किया गया था।

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