आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने प्रशासन द्वारा मुस्लिम परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाए जाने को भी दमनकारी नीति करार दिया। उनका कहना है कि गरीब परिवारों की मेहनत की कमाई से बने घरों को तोड़कर प्रशासन ने साबित कर दिया है कि वह स्थानीय भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रहा है।
नेताओं ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की किसी उच्च प्रशासनिक अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, पीड़िता उस्मानी की तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज हो और आरोपितों को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, यह भी जांच हो कि किन अधिकारियों के आदेश पर और किस आधार पर बुलडोजर कार्रवाई की गई।
नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आंदोलन का सहारा लेने को मजबूर होंगे। इस मौके पर जिला अध्यक्ष चरण सिंह, शाहरुख आरिफ बंटी, डॉ. ओमप्रकाश, संजीव पाल, रामकिशोर, शेर मोहम्मद, मौलाना अफज़ल, इमरान ठाकुर, जुबेर चौधरी, हकीम कलीम, जफर और सद्दाम अंसारी समेत कई लोग मौजूद रहे।