राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ड्रग्स युवाओं के जीवन को बर्बाद कर रहा है, इसलिए विश्वविद्यालय ड्रग्स मुक्त होना चाहिए। मेडल के पीछे अगर ड्रग्स है तो मेडल किसी काम का नहीं। कुलपति को विश्वविद्यालय में ड्रग्स विषय पर कार्यशालाएं करानी चाहिए। कार्यशाला में डॉक्टरों को भी शामिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि नवरात्र से जीएसटी की नई दरें लागू हो रही हैं। ये प्रणाली अब और सरल व पारदर्शी होगी। ऑनलाइन गेमिंग को लेकर कहा कि इसके लिए अब कानून आ गया है, जिससे युवाओं को सुरक्षित भविष्य मिलेगा। सभी को मिलकर स्वदेशी दिवस मनाना चाहिए। मेड इन इंडिया को जीवन का आधार बनाना है।
विश्वविद्यालय कैंटीन पर हो खाने की सही व्यवस्था
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय कैंटीन पर बात करते हुए कहा कि यहां पर खाने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। बाजार में बने हुए पनीर की बजाय दूध बाहर से लाइये और उसका पनीर बनाएं। ताकि किसी प्रकार की बीमारी का बच्चे शिकार ना हो सकें। हॉस्टल के छात्रों को सुबह 5 बजे उठाएं और खेल गतिविधियों में प्रतिभाग कराएं। लाइब्रेरी में बेटियों के लिए समय बढ़ाया जाए।