एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरके नगरवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर प्रभात द्विवेदी ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत किया। शाम पांच बजे भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ता ट्रैक्टर-ट्रालियों से टोल पर पहुंचे। इसके बाद टोल फ्री कराकर धरना देकर बैठ गए।
उनकी मांग थी कि टोल पर 70 प्रतिशत कर्मचारी स्थानीय रखे जाएं, 10 गांवों को टोल फ्री रखा जाए, जो गांव 20 किमी के दायरे में हैं, उनको 20 रुपये रोज का पास जारी किया जाए। इसके अलावा अन्य मांगें उठाईं। करीब ढाई घंटे बाद एसडीएम अंकित कुमार और सीओ सौरभ सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाया, तब जाकर तीन घंटे बाद धरना समाप्त किया गया।