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मेरठ-पौड़ी हाईवे: गड्ढों पर लगा दिया टोल टैक्स, सड़क बनने में अभी छह महीने लगेंगे, फिर भी करनी होगी जेब ढीली

Wed, 03 Jul 2024 11:30 AM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

बायीं तरफ लगीं दो तस्वीरें मेरठ-पाैड़ी हाईवे की हैं।
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मेरठ पाैड़ी हाईवे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बायीं तरफ लगीं दो तस्वीरें मेरठ-पाैड़ी हाईवे की हैं। मेरठ से बिजनौर-कोटद्वार जाने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल होता है। पिछले कई साल से टूटी सड़क से जनता परेशान है और उम्मीद कर रही है कि वह एक शानदार हाईवे पर सफर करे। इसी सपने के बीच नया झटका यह है कि अधूरी पड़ी सड़क पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने टोल वसूलना शुरू कर दिया है।

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भैंसा गांव के पास टोल प्लाजा बना है। मंगलवार से जैसे ही टोल की वसूली शुरू हुई तो भाकियू इंडिया के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। डेढ़ घंटे टोल फ्री करा दिया। लोगों ने कहा कि सुविधाएं नहीं हैं। सड़क बनने में भी अभी छह महीने लगेंगे।  
 

एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरके नगरवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर प्रभात द्विवेदी ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत किया। शाम पांच बजे भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ता ट्रैक्टर-ट्रालियों से टोल पर पहुंचे। इसके बाद टोल फ्री कराकर धरना देकर बैठ गए। 

उनकी मांग थी कि टोल पर 70 प्रतिशत कर्मचारी स्थानीय रखे जाएं, 10 गांवों को टोल फ्री रखा जाए, जो गांव 20 किमी के दायरे में हैं, उनको 20 रुपये रोज का पास जारी किया जाए। इसके अलावा अन्य मांगें उठाईं। करीब ढाई घंटे बाद एसडीएम अंकित कुमार और सीओ सौरभ सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाया, तब जाकर तीन घंटे बाद धरना समाप्त किया गया। 
 

गांवों के लिए मासिक पास बनेगा 
प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरके नगरवाल और मैनेजर अभय प्रताप ने बताया कि 20 किमी. के दायरे में आने वाले गांवों के लिए मासिक पास बनेगा। जो गजट के अनुसार होगा, उसी के अनुसार निशुल्क व्यवस्था होगी। अभी किसी गांव का नाम नहीं है। गांव भैंसा के अंडरपास के लिए प्रपोजल बना है, उसके अनुसार ही निर्माण कराया जाएगा। 
सरकारी चिकित्सक ने जताया रोष : बिजनौर के सरकारी अस्पताल में तैनात मेरठ निवासी डाॅ. उपेंद्र जैसे ही टोल पर पहुंचे तो यहां रोकने पर कहा कि टोल प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी शर्तों के बारे में सूचना नहीं दी गई। यहां सुविधाएं भी नहीं हैं। उन्हें बिना टोल दिए जाने दिया। 

तीन बार दुरुस्त करवा चुके सड़क
राज्यमंत्री दिनेश खटीक का कहना है कि तीन बार सड़क को दुरुस्त करा चुके हैं। ग्राम प्रधान जल निकासी का स्थायी समाधान तलाशने को तैयार नहीं हैं। सड़क नेशनल हाईवे प्राधिकरण की है। हम एनएच के अधिकारी और जिलाधिकारी के साथ बैठक करके रास्ता निकालने का प्रयास करेंगे। 
 
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काशी टोल प्लाजा पर हर रविवार लगता है जाम
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर काशी टोल प्लाजा पर हर रविवार को बुरा हाल रहता है। वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है। लोग परेशान हैं, लेकिन टोल अधिकारियों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ता है। लोग व्यवस्था को कोसने के अलावा कुछ नहीं कर पाते हैं। 

ये रहेगी टोल शुल्क की व्यवस्था
 वाहन श्रेणी    एक साइड     दोनों साइडएक दिन में 
 कार, जीप, वैन, हल्के मोटर वाहन       40   65
 हल्के काॅमर्शियल वाहन    70    100
 बस और ट्रक     140      210
 काॅमर्शियल वाहन तीन एक्सल    155     230
 एचसीएम, ईएमई और 
 एमएवी 4-6 एक्सल     220      335
 ओवर साइज वाहन 7 और 
 अधिक एक्सल      270    405
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