जो रूट फाइनल, उसका सर्वे हो चुका
जिस रूट को प्रदेश सरकार ने फाइनल कर रेल मंत्रालय को भेजा है उसका सर्वे पहले ही किया जा चुका है। रेल बजट 2016-17 में भी रेलवे लाइन के सर्वे के लिए 3-4 लाख बजट दिया गया था।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को नई रेलवे लाइन
इस रेल लाइन के कार्य शुरू हो जाने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भी नई रेलवे लाइन मिल जाएगी। इस रेलवे लाइन को जोड़ने का प्रस्ताव डेढ़ दशक पुराना है । पहली बार 1991-2000 के बीच सर्वेक्षण की कार्ययोजना तैयार की गई थी। 2011 में रेल बजट पेश करते हुए तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने भी 190 रेल लाइनों में इसे शामिल किया था।
रेल मंत्री से मिलकर पैसे की मांग
केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने पिछले दिनों रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिलकर इस रेलवे लाइन के लिए बजट में पैसे देने की मांग रखी। अमर उजाला से बातचीत करते हुए बालियान ने बताया कि प्रदेश सरकार ने रूट फाइनल कर रेल मंत्रालय को भेज दिया है।
इस रूट का सर्वे कर चुके
उत्तर रेलवे के मुख्य अभियंता निर्माण/सर्वे देशरत्न गुप्ता का कहना है कि, इस रूट का सर्वे हम कर चुके हैं। रूट फाइनल होने के बाद रेल मंत्रालय से रेलवे बोर्ड जाता है। अभी इस बारे में मुझे कोई सूचना नही है।