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मेरठ में 'भाभी जी घर पर हैं' के कलाकारों का धमाल

Tue, 07 Feb 2017 10:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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मेरठ पहंचे टीवी कलाकार
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मजाकिया संवादों से लोगों को हर रोज गुदगुदाने वाले सीरियल भाबीजी घर पर हैं के किरदार मनमोहन तिवारी, दरोगा हप्पू सिंह और चाचा डेविड मिश्रा रविवार को  मेरठ पहुंचे। शादी समारोह में शामिल होने आए हास्य कलाकारों ने खुलकर  सवालों का जवाब दिया, फैंस के साथ सहजता से तस्वीरें खिंचाई तो सदर जैसे  शहर के घने इलाके में पैदल घूमकर हवाखोरी की। ढोलकी मोहल्ले से सदर थाने तक कलाकार बिना सुरक्षाकर्मी के खुले घूमे। सड़क पर उन्हें देखकर दर्शकों ने पहचाना भी। कुछ लोगों ने रुककर उनके साथ सेल्फी खींची और सवाल भी पूछे। सदर  में मेरठ की मशहूर कचौरी-जलेबी का स्वाद भी चखा। 
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उत्त्पल दत्त से सीखा हास्य का हुनर

डांस करते टीवी कलाकार
भाबीजी घर पर हैं के तिवारी जी, उर्फ मनमोहन तिवारी की भूमिका निभाने वाले मशहूर कलाकार रोहिताश्व गौड़ टेलिविजन और फिल्मों के जितने संजीदा अभिनेता है। हास्य पर उनकी पकड़ उतनी ही शानदार है। सीरियल में हर बात पर झूठ बोलकर उसे  ई ई ई ई, उउउउ से छिपाते नजर आते हैं। झूठ को ई ई ई से छिपाने का हुनर  उन्होंने मशहूर हास्य अभिनेता उत्तपल दत्त से सीखा है। बकौल शैलेंद्र  सीरियल की पटकथा में कहीं भी ई ई ई उउउ नहीं हैं, चूकिं मैंने उत्तपल दत्त  की कॉमेडी को खूब जिया है, इसलिए सोचा कि उनकी तरह कुछ करने का प्रयास किया जाए। स्वयं ही अपने झूठ को छिपाने के लिए इस ई ई ई को शामिल किया, दर्शकों ने इसे पसंद किया यह बड़ी बात है।

असल में हीरो जैसा स्मार्ट है दरोगा हप्पू सिंह

मेरठ में 'भाभीजी घर पर हैं' के कलाकार
लापतागंज के बाद भाबीजी घर पर हैं ऐसा शो है जिसने मुझे कॉमिक अभिनेता के रूप में स्थापित किया है। अभिनेता, कॉमेडियन, संजीदा या विलन नहीं होता। वो वर्सेटाइल होता है, उसे जो किरदार  मिले वो उसमें रमकर उसे निभाता है। एनएसडी से अभिनय सीखा है, जिसमें अभिनय के सारे रंग, रस समाहित हैं। सीरियल में नई और पुरानी दोनों अंगूरी अच्छी है। दोनों मेहनती और अच्छी अभिनेत्रियां हैं। लेकिन पुरानी अंगूरी भाभी शिल्पा शिंदे के साथ काम करना ज्यादा अच्छा था। वो बहुत अच्छी कलाकार हैं। मगर अभिनय में अभिमान का आना गलत है, जो उन्हें भी हुआ। अभिमान का परिणाम  क्या होता है, ये सबके सामने है। भाबीजी घर पर है आम जनमानस के बीच चलने  वाली कथा है। जहां हर आदमी देवर-भाभी जैसे रिश्ते को चुहलता से निभाता है। हर श्ख्स में मनमोहन का किरदार नजर आता है। जब मैं एनएसडी में पढ़ता और संत  नगर में रहता था, मेरे घर के सामने एक भाभीजी रहती थी। मँ उन्हें ताकता  रहता है, जब वो कपड़े सुखाने खिड़की पर आती तो मैं चिल्लाकर पूछता भाभीजी आज खाने में क्या बनाया। जवाब आता घुईंया, तो दिल अंदर तक हरा हो जाता।

अंगूरी में था बड़ा कंफ्यूजन, अब हुआ खत्म

मेरठ पहुंचे हप्पू सिंह
​समाज में चुहलबाजी के ये रिश्ते एक सीमा में बंधे है, उसी तरह हमारे सीरियल का प्रयास एक सीमारेखा में रहते हुए कॉमिक दिखाने का है। मनमोहन से ज्यादा  मुझे लापतागंज का मुकुंदीलाल पसंद है। क्योंकि मुकुंदीलाल ने ही मुझे भाबीजी के घर का मनमोहन तिवारी बनाया। भाबीजी  घर पर हैं शो में बात-बात पर न्यौछावर मांगने वाला दरोगा हप्पू सिंह यानि  योगेश त्रिपाठी असल में हीरो की तरह स्मार्ट और स्लिम हैं। हप्पू सिंह की  भूमिका से पहले लापतागंज, एफआइआर जैसे सीरियलों में काम कर चुका हूं। शो  की बुंदेली के साथ तालमेल बैठाने में परेशानी नहीं होती, क्योंकि मैं  झांसी से हूं वहां यही बोली सुनकर बड़ा हुआ। शो में मुझे एकदम मोटे दरोगा  की भूमिका निभानी है। किरदार के अनुसार शरीर पर काम मैं भी करता हूं,  लेकिन दंगल में आमिर खान ने पहले वजन बढ़ाया फिर घटाया वो फिल्म की जरुरत  थी। लेकिन मेरे शो में मुझे हमेशा मोटा दिखना है। इसलिए तोंद नहीं बढ़ा  सकता। मैं नकली पेट, नकली मूंछ और बाल लगाता है।

फिल्में नहीं शो पर ही फोकस कर रहा हूं

भाभीजी घर पर हैं के कलाकार
टीवी पर मुझे हप्पू सिंह  देखकर मेरे बच्चे भी मुझे हप्पू बुलाते हैं। बीबी भी कई बार हप्पू ही  बुलाती है। मेरठ पहली बार आया हूं, यहां के अभिनेताओं के बारे में काफी  सुना है। हमारा शो भी उप्र के छोटे शहरों में खिलखिलाती संस्कृति पर आधारित  है। राजनीति में जाने का विचार नहीं है, राजनीति के लिए वक्त भी नहीं  मिलता। लेकिन वोट डालने जरुर जाता हूं। शो में बहुओं को देखकर हमेशा कंफ्यूज रहने वाले चाचा डेविड मिश्रा कहते हैं,  सही बहू को पहचानना मेरे लिए बहुत मुश्किल था। सोचता हूं असल जिंदगी में  किसी के साथ ऐसा हो तो वो क्या करेगा। अब कंफ्यूजन खत्म हो चुका है।
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क्रोम में भी पहुंचे कलाकार

मेरठ में लोगों से मिलते टीवी कलाकार
लापतागंज, मैं आई कम इन मैडम, एफआइआर शो में काम कर चुका हूं, लेकिन भाबीजी घर पर हैं  ने नई पहचान दी है। फिलहाल फिल्में नहीं शो पर ही फोकस कर रहा हूं। लोग टीवी पर सास-बहू ड्रामा देखकर बोर होने लगे थे, ऐसे में भाबीजी घर पर है  शो ने लोगों को मनोरंजन का नया स्वाद दिया है। अभी कॉमेडी ही करुंगा। हबीब  तनवीर के साथ रंगमंच कर चुका हूं, इसलिए भविष्य में जो भी रोल ऑफर होगा  उसके बारे में जरुर सोचूंगा। सीरियल के तीनों कलाकारों ने क्रोम होटल में पहुंचकर लोगों से वार्ता की। अपने फैंस के सवालों के जवाब दिए और संवाद सुनाकर उन्हें गुदगुदाया। शाम को शादी समारोह में भी उन्होंने दर्शकों के साथ तस्वीरें खिंचाई और डांस किया।
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