फर्जी प्रमाण पत्र से बैंक को किया गुमराह
प्राथमिकी के अनुसार आरोपी ने फर्जी जीवित प्रमाण पत्र बनाकर बैंक अधिकारियों को गुमराह किया। एटीएम और डिजिटल माध्यमों के जरिए खाते से करीब 44 लाख 38 हजार 96 रुपये की धनराशि निकाल ली गई।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
मामले की जानकारी उपजिलाधिकारी सरधना के पत्र के बाद सामने आई। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने 27 नवंबर 2025 को थाने में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय का सहारा लिया गया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी प्रेम सिंह और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्षेत्राधिकारी का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।