24 जनवरी 2018 को सोहरका में चश्मदीद गवाह भोलू और निछत्तर कौर की हत्या की सीसीटीवी फुटेज वायरल होने से यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठे थे। मुख्य आरोपी मांगे दिल्ली से जेल चला गया था। मांगे की सेटिंग से सरेंडर कर जेल गया था, इसकी शिकायत आईजी मेरठ ने की थी। उसके बाद दिल्ली पुलिस अफसरों में खलबली मची। जांच में खुलासा हुआ कि मांगे के सरेंडर कराने में दिल्ली के सिपाही का हाथ है।
हरियाणा में किया था मोनू ने आत्मसमर्पण
कुख्यात मोनू जाट का रोहटा इलाके में आतंक था। एक साल पहले रोहटा में किसान दंपति की हत्या के बाद मोनू जाट की तलाश पुलिस ने तेज की। मोनू जाट अपने साथी नितिन को साथ लेकर हरियाणा में सरेंडर हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि हरियाणा में तैनात एक सिपाही ने बदमाशों की सेटिंग कराई और उनको सरेंडर कराया है। इसको लेकर भी पुलिस की काफी किरकिरी हुई। मेरठ पुलिस ने मोनू के सरेंडर का हवाला भी दूसरे राज्यों के अधिकारियों को दिया है।
उत्तराखंड व राजस्थान में भी मिलीभगत
उत्तराखंड में कुख्यातों की सेटिंग है। सुशील मूंछ का बेटा मंजीत उर्फ टोनी हाल में पौड़ी गढ़वाल में सरेंडर हो गया। भूपेंद्र बाफर भी देहरादून में सरेंडर हुआ था। कुख्यात उधमसिंह की पत्नी गीताजंलि उत्तराखंड से गिरफ्तार की गई थी। वहीं, राजस्थान में भी कुख्यातों का सेटिंग से सरेंडर का खेल चलता है। सुशील मूंछ की यूपी में घेराबंदी तेज हुई तो वह चंडीगढ़ जाकर गुपचुप तरीके से सरेंडर हो गया था।
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