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यूपी: अब कुख्यात बदमाश नहीं कर सकेंगे दूसरे राज्यों में सरेंडर, बना ये नियम

Sat, 24 Mar 2018 12:09 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, गजेंद्र चौधरी, मेरठ
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फाइल फोटो
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यूपी के कुख्यातों का ‘कवच’ अब दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड पुलिस नहीं बनेंगी। सेटिंग से सरेंडर करने का कुख्यातों का यह खेल दूसरे राज्यों में खत्म हो जाएगा। परतापुर के सोहरका गांव में मां-बेटे की हत्या के मुख्य आरोपी मांगे उर्फ विनय के सरेंडर होने से दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल उठा था। मेरठ आईजी रामकुमार ने दिल्ली ज्वाइंट कमिश्नर से इस मामले की शिकायत की थी। दिल्ली पुलिस की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि आरोपी का सेटिंग से सरेंडर हुआ। इस पर दिल्ली के एएसपी, डीसीपी, क्राइम डीएसपी, एक इंस्पेक्टर और एक सिपाही पर कार्रवाई हुई है। अब बाहरी राज्यों के अधिकारियों की मीटिंग में तय हुआ है कि कुख्यातों का दूसरे राज्यों में सरेंडर नहीं होगा। इसको लेकर 27 मार्च को लेकर यूपी डीजीपी ओपी सिंह की हरियाणा में कई राज्यों के अधिकारियों के साथ मीटिंग है। 

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आईजी मेरठ रेंज रामकुमार ने बताया कि सोहरका दोहरे हत्याकांड के आरोपी मांगे का दिल्ली में सरेंडर के बाद दूसरे राज्यों की पुलिस अफसरों ने भी सहमति जताई है कि अब सेटिंग से सरेंडर नहीं होंगे। डीजीपी ने संज्ञान लिया है। इसको लेकर हरियाणा में 27 मार्च को मीटिंग है।   

इनाम होते ही ऑनलाइन होगा कुख्यात 
हत्या, रंगदारी या संगीन अपराध करने पर बदमाशों पर अधिकारी इनाम कराने के बाद यूपी पुलिस वेबसाइट के साथ जिपनेट पर ऑनलाइन फोटो व उसकी जानकारी दूसरे राज्यों की पुलिस को देंगे। अधिकारी भी बड़े बदमाशों को लेकर समंवय करेंगे, ताकि सेटिंग से सरेंडर का खेल न चल सके। कुख्यात अगर दूसरे राज्यों की पुलिस से संपर्क करता है तो वहां की पुलिस संबंधित जिला पुलिस को तुरंत बताएगी। अधिकारियों ने बताया है अब तक पुलिस बार्डर की पुलिस के साथ ही मीटिंग करती थी। जिसका असर नहीं पड़ता था।
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पढ़ें : यूपी: एक लाख के इनामी बदमाश हप्पू को क्राइम ब्रांच ने दबोचा

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दिल्ली के सिपाही ने कराया था सरेंडर

फाइल फोटो
24 जनवरी 2018 को सोहरका में चश्मदीद गवाह भोलू और निछत्तर कौर की हत्या की सीसीटीवी फुटेज वायरल होने से यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठे थे। मुख्य आरोपी मांगे दिल्ली से जेल चला गया था। मांगे की सेटिंग से सरेंडर कर जेल गया था, इसकी शिकायत आईजी मेरठ ने की थी। उसके बाद दिल्ली पुलिस अफसरों में खलबली मची। जांच में खुलासा हुआ कि मांगे के सरेंडर कराने में दिल्ली के सिपाही का हाथ है। 

हरियाणा में किया था मोनू ने आत्मसमर्पण 
कुख्यात मोनू जाट का रोहटा इलाके में आतंक था। एक साल पहले रोहटा में किसान दंपति की हत्या के बाद मोनू जाट की तलाश पुलिस ने तेज की। मोनू जाट अपने साथी नितिन को साथ लेकर हरियाणा में सरेंडर हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि  हरियाणा में तैनात एक सिपाही ने बदमाशों की सेटिंग कराई और उनको सरेंडर कराया है। इसको लेकर भी पुलिस की काफी किरकिरी हुई। मेरठ पुलिस ने मोनू के सरेंडर का हवाला भी दूसरे राज्यों के अधिकारियों को दिया है। 

उत्तराखंड व राजस्थान में भी मिलीभगत
उत्तराखंड में कुख्यातों की सेटिंग है। सुशील मूंछ का बेटा मंजीत उर्फ टोनी हाल में पौड़ी गढ़वाल में सरेंडर हो गया। भूपेंद्र बाफर भी देहरादून में सरेंडर हुआ था। कुख्यात उधमसिंह की पत्नी गीताजंलि उत्तराखंड से गिरफ्तार की गई थी। वहीं, राजस्थान में भी कुख्यातों का सेटिंग से सरेंडर का खेल चलता है। सुशील मूंछ की यूपी में घेराबंदी तेज हुई तो वह चंडीगढ़ जाकर गुपचुप तरीके से सरेंडर हो गया था।

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