एक अगस्त को विपिन सोढ़ी उपाध्यक्ष बने थे। कैंट बोर्ड का चुनाव 17 मई 2015 को हुआ था। 15 जुलाई को सदस्य बीना वाधवा कैंट बोर्ड की उपाध्यक्ष चुनी गईं थीं। ऐसे में बोर्ड का कार्यकाल जुलाई 2020 तक था। जुलाई में रक्षा मंत्रालय द्वारा सभी छावनी के बोर्ड का कार्यकाल छह महीने बढ़ा दिया गया था। जनवरी 2021 में यह कार्यकाल पूरा हो रहा था लेकिन रक्षा मंत्रालय ने दूसरी बार फिर छह महीने कार्यकाल बढ़ा दिया था।
- कैंट बोर्ड का चुनाव 17 मई 2015 को हुआ था
- 15 जुलाई को बीना वाधवा कैंट बोर्ड की उपाध्यक्ष चुनी गईं
- 24 जुलाई 2020 को बीना वाधवा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया गया था
बैठक के बाद सौंपा पत्र
मंगलवार शाम को रक्षा मंत्रालय की तरफ से पूरे देश की सभी छावनी के लिए ई-पार्टल लांच किया गया। इस मौके पर बोर्ड अध्यक्ष अर्जुन सिंह राठौर, सीईओ नवेंद्र नाथ और सदस्य पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा, सदस्य अनिल जैन, रिनी जैन, नीरज राठौर, मंजू गोयल, नीरज राठौर और बुशरा कमाल शामिल रहे। उपाध्यक्ष और सदस्य धर्मेंद्र सोनकर नहीं पहुंचे। ई-पोर्टल की लॉन्चिंग के बाद छह सदस्यों ने अध्यक्ष को अविश्वास पत्र सौंप दिया।
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