आनंद अस्पताल और हरिओम आनंद का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के मेरठ में हरिओम आनंद प्रकरण में एसपी सिटी की जांच रिपोर्ट के बाद अब एसआईटी गठित होगी। मौत से पहले हरिओम आनंद के लिखे गए शिकायती पत्र के आधार पर ही जांच रिपोर्ट में मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
वहीं, अस्पताल से जुड़े शेयर धारकों पर लगाए गए आरोप को सिविल का मामला बताते हुए एक राजपत्रित अधिकारी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित करने की बात कही गई है।
बता दें कि 27 जून को आनंद अस्पताल के मालिक हरिओम आनंद ने सल्फास खाकर जान दी थी। इससे एक दिन पहले 26 जून को हरिओम आनंद ने एसएसपी के नाम एक शिकायती पत्र लिखा था। जिसमें अपने कारोबार के बारे में जिक्र करते हुए अपने पूर्व बिजनेस पार्टनर पर आरोप लगाए थे। अब इसी शिकायती पत्र पर एसपी सिटी की जांच रिपोर्ट में मुकदमा लिखने की बात कही गई है।
आनंद अस्पताल के शेयर धारकों पर लगाए गए आरोपों के मामले में एसआईटी गठित करने की बात जांच रिपोर्ट में कही है। एसआईटी में एक राजपत्रित अधिकारी को नियुक्त किया जाए, ताकि सिविल मामले की गंभीरता से जांच हो। आनंद परिवार के बयानों को एसआईटी अपनी विवेचना में शामिल कर सकती है। उसी पर पुलिस की कार्रवाई की जाएगी। एसपी सिटी की जांच रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय एसएसपी को लेना है।
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एसपी सिटी की जांच रिपोर्ट में एसआईटी गठित करने की बात कही गई है। हरिओम आनंद के 26 जून के शिकायती पत्र पर रिपोर्ट लिखने की बात जांच रिपोर्ट में आई है। जांच रिपोर्ट की मॉनिटरिंग करना बाकी है। इस पर आज अंतिम निर्णय होगा। उसके बाद ही पुलिस की कानूनी कार्रवाई शुरू होगी।
- अजय साहनी, एसएसपी मेरठ
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