भाजपा के सांसद-मंत्री कह रहे हैं कि धरना देने वाले किसान नहीं है। अगर वह अपनी बात पर कायम हैं तो मेरठ के सांसद करनावल में धरनास्थल पर जाकर ऐसा बोलकर दिखा दें। कृषि कानून पर चल रहे विरोध पर मेरठ पहुंचे रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि चंद लोगों के इशारे पर किसान विरोधी कानून बना दिए गए हैं। अगर ये कानून लागू हुआ तो किसान बर्बाद हो जाएंगे।
जयंत ने कहा कि नागपुर के कांग्रेस पार्टी के अधिवेशन में पंडित नेहरू रसियन कॉपरेटिव मॉडल लाना चाहते थे। इसमें जमीन राज्य सरकार की होती और किसान मजदूर की तरह काम करता। चौधरी चरण सिंह ने इसका विरोध किया और वह मॉडल लागू नहीं होने दिया। वही हालत आज आ गए हैं।
ऐसे में किसानों को आगे बढ़कर विरोध करना चाहिए। 26 जनवरी को दिल्ली में किसानों की परेड के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये किसानों का आंदोलन है और रालोद किसानों के साथ है। बस आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चलना चाहिए।
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जयंत चौधरी ने प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा। कहा कि प्रदेश में न अपराध थम रहा है न ही युुवाओं को रोजगार मिल पा रहा है। निवेश के सारे दावे खोखले साबित हो चुके हैं। मंदिर के नाम पर उगाही की जा रही है।
वोट के लिए लव जिहाद और कैराना पलायन के काल्पनिक मुद्दे बनाए जा रहे हैं। अगले विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर कहा कि रालोद के समाजवादी पार्टी केे साथ अच्छे संबंध हैं। गठबंधन की आगे भी संभावना रहेगी।
केंद्र सरकार पूंजीपतियों के हित में काम करते हुए किसानों को खत्म करने का काम कर रही है। यदि किसान के साथ आमजन इस आंदोलन में नहीं जुड़ा तो इसका सीधा प्रभाव आम जनता को भी भुगतना पड़ेगा। महापंचायत की अध्यक्षता चौधरी सरदार सिंह व संचालन डीपी गिरी ने किया।
पूर्व एमएलसी के परिजनों को दी सांत्वना
जयंत चौधरी ने पूर्व एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा के शास्त्रीनगर आवास पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। इसके बाद उन्होंने मोहनपुरी स्थित रालोद नेता डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा के आवास पर जाकर परिजनों को सांत्वना दी।
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