अब आधार कार्ड बनवाने से पहले कोरोना की जांच करानी होगी या खुद ही लोगों को जांच कराकर निगेटिव रिपोर्ट डाकघर में दिखानी होगी। रिपोर्ट भी पांच से छह दिन से अधिक की नहीं होनी चाहिए। मुख्य डाकघर से यह निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मेरठ शहर में आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। बैंकों ने आधार कार्ड बनाने का कार्य बंद कर दिया है। शहर के दोनों डाकघरों में प्रतिदिन 60 आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। ऐसे में लोग रात दो बजे से ही डाकघर के बाहर लाइन में खड़े हो जाते हैं। भीड़ के कारण कोरोना संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। पिछले दिनों एक महिला कर्मचारी भी पॉजिटिव पाई गईं, जिससे अब विभाग सतर्क हो गया है।
शहर घंटाघर स्थित मुख्य डाकघर में तैनात उप डाक अधिकारी रतन सिंह ने बताया कि एक डाकघर में प्रतिदिन 30 टोकन बांटे जाते हैं। दोनों डाकघर में प्रतिदिन 60 आधार बनाए जा रहे हैं। अब टोकन बांटने के बाद आवेदक की पहले कोरोना जांच डाकघर के द्वारा कराई जाएगी। मेडिकल कॉलेज की टीम को डाकघर ही बुलाया जाएगा। रिपोर्ट निगेटिव आने पर आधार बनाया जाएगा।
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मिलीभगत का चल रहा खेल
आधार कार्ड नवीनीकरण के कार्य में मिलीभगत का खेल भी चल रहा है। छावनी और शहर डाकघर में प्रतिदिन 600 लोग आते हैं। दलाल सुबह ही रजिस्टर लेकर खड़े हो जाते हैं। लोगों को सेटिंग कर टोकन दिलाए जाते हैं। इसके बदले सुविधा शुल्क लेते हैं।
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