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अधिवक्ता अंजलि हत्याकांड में नया मोड़: '20 लाख और पांच दुकान...' किलर का बड़ा दावा; बताया किसने दी थी सुपारी?

Sat, 09 Nov 2024 02:50 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ की महिला वकील अंजलि हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। जमानत पर बाहर आए सुपारी किलर ने बड़ा दावा किया है। उसने बताया कि किसके कहने पहले अंजलि की हत्या हुई थी। नीरज शर्मा ने एसएसपी कार्यालय में शिकायत कर ऑडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सौंपी है।
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Meerut news - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में अधिवक्ता अंजलि हत्याकांड में जेल से जमानत पर बाहर आए आरोपी नीरज शर्मा के खुलासे के बाद यह मामला एक बार फिर से चर्चा में है। नीरज का दावा है कि अंजलि के करीबियों ने उसकी हत्या के लिए 20 लाख रुपये और पांच दुकाने देने की बात कही थी। 
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आरोप है कि हत्या के बाद भी सुपारी की रकम नहीं मिली। पुलिस ने इन लोगों को जांच में क्लीनचिट दे दी थी। अब एसएसपी ने सीओ ब्रह्मपुरी को मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। नीरज का दावा सही निकला तो अंजलि के करीबियों समेत मामले की जांच करने वाले पुलिसकर्मी भी फंस सकते हैं।

सात जून 2023 में टीपीनगर थाना इलाके के उमेश विहार निवासी अधिवक्ता अंजलि गर्ग डेयरी से दूध लेकर घर लौट रही थी। घर के गेट पर स्कूटी सवार दो हमलावरों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। अंजलि के परिजनों ने संपत्ति विवाद के चलते ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया था। 
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पुलिस ने आरोपियों को किया था गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में अंजलि के ससुर पवन गुप्ता और पति नितिन गुप्ता को गिरफ्तार किया था। लेकिन दो दिन बाद ही नौ जून को पुलिस ने शालू बेकरी के मालिक यशपाल, ब्यूटी पार्लर संचालिका के पति नीरज शर्मा, भाड़े के शूटर अनुज उर्फ मनहर और रोहित उर्फ काकुल को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया था। 

'नहीं मिली सुपारी की रकम'
पुलिस ने हत्या का मुख्य साजिशकर्ता टीपी नगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर संजय भाटी को बताया था। हत्या के लिए हथियार टीपी नगर के सागर उर्फ गोल्डी ने उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने 11 जून को सुरेश भाटी और 14 जून को सागर को गिरफ्तार कर लिया था। नीरज के मुताबिक सुपारी की रकम के लिए ही उन्होंने अंजलि के ससुराल वालों का नाम पुलिस के सामने नहीं लिया। जिसके चलते पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। 

ऑडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सौंपी
बृहस्पतिवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचकर नीरज शर्मा ने ऑडियो रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज समेत अन्य सबूत सौंपे थे। सीओ ब्रह्मपुरी एएसपी अंतरिक्ष जैन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।

यह थी पुलिस की थ्योरी
पुलिस के मुताबिक, अंजलि अपने पति से तलाक के बाद ससुर पवन गुप्ता के मकान में अकेली रहती थी। इस मकान को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। काफी प्रयास के बाद भी ससुराल वाले मकान खाली नहीं करा पाए थे। बाद में यह करोड़ों का मकान प्रॉपर्टी डीलर सुरेश भाटी, शालू बेकरी के मालिक यशपाल और एडवोकेट प्रदीप शर्मा को 27 लाख रुपये में बेच दिया था। 
 

अंजलि को फिर से मिल गया था मकान पर कब्जा
मकान खाली कराने के लिए इन लोगों ने अंजलि पर दबाव डाला था। अंजलि को घर से जबरन बाहर निकालकर मकान पर कब्जा कर लिया था। सुरेश भाटी ने सहारनपुर में दरोगा से सेटिंग कर अंजलि के खिलाफ चोरी का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था। जो जांच में फर्जी पाया गया था। दरोगा निलंबित हुआ था। इसके बाद अंजलि ने तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी से शिकायत कर सुरेश भाटी और यशपाल समेत पांच के खिलाफ डकैती का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में ये जेल भी गए थे। अंजलि को फिर से मकान पर कब्जा मिल गया था। 

नीरज शर्मा अंजलि को परेशान करता था। अंजलि ने उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज कराए थे। पुलिस का दावा था कि अंजलि से दुश्मनी के चलते यशपाल भाटी, यशपाल और नीरज शर्मा ने हत्या की घटना को अंजाम दिया था।

 
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हत्या करवाने के लिए कई बार करते थे कॉल
एसएसपी कार्यालय में दिए शिकायती पत्र में नीरज शर्मा ने दावा किया कि अंजलि शर्मा के करीबी उसकी हत्या करवाने के लिए दिन में कई बार कॉल करते थे। कहते थे कि हम उससे परेशान हो चुके हैं। उसने काफी प्रॉपर्टी कब्जा रखी है। तीन जून को भी उन्होंने अंजलि की हत्या की कोशिश की थी, लेकिन मौका नहीं मिल पाया था।
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