मेरठ पुलिस ने जांच के बाद पूर्व मंत्री हाजी याकूब प्रकरण में नया खुलासा किया है। एएसपी चंद्रकांत मीणा ने बताया कि अल फहीम मीटेक्स की आड़ में याकूब का परिवार चार कंपनी चला रहा था। दो कंपनी में याकूब का परिवार शेयर धारक है, जबकि अल फोजान कंपनी इमरान के बेटे फोजान के नाम पर है।
पुलिस का मानना है कि अल फोजान टैक्स बचाने के लिए खोली गई है। अल कय्यूम मीटेक्स और शामली के कैराना स्थित मीम एग्रो फूडस प्राइवेट लिमिटेड में भी याकूब के परिवार और रिश्तेदारों के शेयर हैं। पुलिस इन चार कंपनियों की डिटेल मंगा ली है। माना जा रहा है कि संचालित हो रही अन्य दो कंपनियों को सील किया जाएगा। कागजात में चल रही कंपनी का भी लाइसेंस निरस्त कराया जाएगा। 31 मार्च को हापुड़ रोड स्थित अल फहीम मीट फैक्टरी में छापा मारकर दौरान करीब पांच करोड़ रुपये कीमत का मीट पकड़ा गया था। पुलिस ने इस मामले में याकूब, उनकी पत्नी शमजिदा, बेटे फिरोज और इमरान, मैनेजर मोहित त्यागी समेत 17 लोग आरोपी बनाए हैं।
वहीं याकूब, फिरोज, इमरान और मैनेजर मोहित त्यागी अभी फरार चल रहे हैं। सभी के घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा हो चुका है। पुलिस कुर्की की तैयारी में जुटी हुई है, जबकि शमजिदा को अग्रिम जमानत मिल गई है।
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परिवार के सदस्यों के नाम पर हैं कंपनी
अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड का नाम याकूब के पिता फहीम के नाम पर रखा गया था, जबकि अल फोजान मीटेक्स कंपनी का नाम इमरान कुरैशी के बेटे फोजान के नाम पर रखा गया है। अल कय्यूम का नाम याकूब के भाई कय्यून के नाम पर है। पुलिस मीम एग्रो का नाम किस आधार पर रखा गया था। इसकी भी पड़ताल कर रही है।
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