फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमडीए में अधिशासी अभियंता बनकर काट दी रसीद, करोड़ों का घोटाला कर फरार है मेट डालचंद

Mon, 23 Sep 2019 05:15 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
एमडीएम में घपले के मामले में जांच करते अफसर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मेरठ में अनुरक्षण शुल्क में घपले के मामले रोजाना सामने आने से एमडीए अधिकारी भी परेशान हो गए हैं। करोड़ों का घोटाला कर फरार मेट डालचंद ने एमडीए की कई योजनाओं में आवंटियों को निशाना बनाया। 
विज्ञापन


शनिवार को गंगानगर निवासी ब्रिगेडियर आरके गुप्ता भी अनुरक्षण शुल्क में गड़बड़ी को लेकर एमडीए सचिव से मिले। अधिशासी अभियंता के हस्ताक्षर कर मेट डालचंद ने उनकी भी हजारों रुपये की रसीद काट दी।

14 अगस्त 2012 में 27688 रुपये जमा किए गए। लेकिन यह रसीद मेट डालचंद ने फर्जी काट दी। जिसका कोई अता-पता नहीं चल सका है। एमडीए ने मेट डालचंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। डालचंद का फोटो भी एमडीए ने अपने सूचना पट पर अंकित की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

घर-घर से मांगी जा रही सूचना
अनुरक्षण शुल्क मामले में आवंटियों को राहत देते हुए एमडीए ने कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। यह कर्मचारी घर-घर जाकर डाटा ले रहे हैं। जिसके बाद उनके मोबाइल नंबर पर उनका अनुरक्षण शुल्क भेजा जाएगा। 

वहीं, जमा करने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी जाएगी। हालांकि, इस मामले में भी कर्मचारियों को कई दिक्कतें आ रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि रक्षापुरम, वेदव्यासपुरी, गंगानगर में रहने वाले लोग डाटा देने में आनाकानी कर रहे ह्रैं, जिससे एमडीए की ऑनलाइन योजना को झटका लग सकता है। 

मिली हैं शिकायतें
ऐसी शिकायत आई है कि मेट डालचंद अधिशासी अभियंता बनकर रसीद काट रहा था। रोजाना अनुरक्षण शुल्क में शिकायतें आ रही हैं। हालांकि, एमडीए अब डाटा एकत्र कर इसे ऑनलाइन करने जा रहा है। - प्रवीणा अग्रवाल, एमडीए सचिव
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें