12:05 PM, 21-Jan-2023
124 गांवों का प्रस्ताव शासन के पास अटका
मेरठ में पांच साल से एमडीए क्षेत्र में शामिल 124 गांवों की नक्शा स्वीकृति की नीति शासन के पास अटकी है। मजबूरन एमडीए इसका प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में लेकर आ रहा है। जिसका मसौदा मुख्य अभियंता, मुख्य टाउन प्लानर व टाउन प्लानर ने बनाकर उपाध्यक्ष के पास भेज दिया है। इन अफसरों का कहना है कि नक्शा स्वीकृति नहीं होने से अनियमित निर्माण हो रहा है।
शासन ने मार्च 2017 में 124 गांव समेत नगर पंचायत खरखौदा, हस्तिनापुर, बहसूमा, लावड़, नगर पालिका परिषद मवाना व सरधना को एमडीए के विस्तार क्षेत्र में शामिल किया था। इसके बाद 17 ग्रामों को शामिल किया। इन गांवों के लिए बनी दौराला महायोजना को शासन ने 2019 में स्वीकृत कर दिया। जहां एमडीए मानचित्र स्वीकृति कर रहा है। वहीं, 2017 में विस्तारित क्षेत्र के 124 गांवों की नक्शा स्वीकृति के लिए 12 सितंबर 2018 में एमडीए की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा गया। तत्कालीन बोर्ड के फैसले पर 28 सितंबर, 2018 को अनुमोदन के लिए प्रस्ताव शासन के पास भेजा।
तब से अभी तक एमडीए 28 दिसंबर 2018, तीन अप्रैल 2019, 25 जून 2019, तीन जुलाई 2019, 19 अगस्त 2019, 19 अक्तूबर 2019, 13 नवंबर 2019, 29 जनवरी 2020, 27 अगस्त 2020, 14 अक्तूबर 2020, आठ जनवरी 2021, 10 फरवरी 2021, 30 जून 2021 तथा 22 नवंबर 2022 को अनुस्मारक पत्र शासन के पास भेज चुका है, मगर अनुमोदन नहीं हो रहा। अब आगामी बोर्ड बैठक में एमडीए नक्शा स्वीकृति का प्रस्ताव लेकर आ रहा है। जिसमें कहा है कि नक्शा स्वीकृत नहीं होने से अनाधिकृत निर्माण की प्रबल संभावना है। इसलिए बोर्ड स्तर से नीति निर्धारित कर ली जाए ताकि अनियोजित निर्माण पर रोक लगाई जा सके। ब्यूरो