उसने बताया कि काफी प्रयास के बाद भी नौकरी नहीं लगी। परिवार और खुद के खर्चे बढ़ते रहे। एसटीएफ के बारे में पता चला कि एसटीएफ वर्दी नहीं पहनती और लेकिन इसका रौब काफी होता है। इसके बाद ही उसने खुद को एसटीएफ का दरोगा बताकर लोगों से अवैध वसूली शुरू की। अमित ने अलग-अलग स्थानों पर 20 से अधिक लोगों से अवैध वसूली की है।
ऐसे बनाता था शिकार
भावनपुर इंस्पेक्टर नीरज मलिक के मुताबिक आरोपी एसटीएफ का रौब गालिब करने के अलावा नौकरी दिलाने के नाम पर भी ठगी करता था। कई युवतियों को प्रेम जाल में फंसाने के बाद उनको ब्लैक मेल करके भी उनसे पैसा ठगा करता था। उनको धमकाता था कि वह एसटीएफ में है, उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकेंगे। आरोपी के अन्य मुकदमों के बारे में भी जानकारी पुलिस को लग गई है। उन संबंधित थानों की पुलिस से भी संपर्क किया गया है।
सोशल मीडिया से मिला आइडिया
अमित ने यह भी बताया कि उसने सोशल मीडिया पर फर्जी अधिकारी बनकर पैसे ऐंठने वाली कुछ खबरें पढ़ी थीं। इसके बाद उसके मन में यह विचार आया। उसे प्रेमिका के शौक भी पूरे करने थे। इसलिए उसने यह सब किया।