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कोरोना का खौफ: संक्रमित मुल्जिम से दूर भागती है पुलिस, सामने आए ये चार बड़े मामले

Fri, 30 Apr 2021 01:39 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, गजेंद्र चौधरी, मेरठ

सार

अगर आरोपी कोरोना संक्रमित है, इतना सुनते ही पुलिसकर्मी दूर हट जाते हैं। कई बार तो पुलिस आरोपी को अस्पताल में ही छोड़कर चली गई।
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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपराधी या फिर किसी मुकदमे का नामजद आरोपी हो, उसे पकड़कर जेल भेजना पुलिस के सामने चुनौती बना हुआ है। मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से पहले आरोपी का कोरोना टेस्ट अनिवार्य हो गया है। पुलिस आरोपी को मेडिकल के लिए जिला या मेडिकल अस्पताल में लाती है। आरोपी कोरोना संक्रमित है, इतना सुनते ही पुलिसकर्मी दूर हट जाते हैं। कई बार तो पुलिस आरोपी को अस्पताल में ही छोड़कर चली गई। ऐसे कई मामले जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में देखने को मिले हैं। पुलिस भी अपराधी और नामजद आरोपियों को पकड़ने से दूरी बना रही है, ताकि खुद को सुरक्षित रखा जा सके। अब पुलिस की दबिशें भी कम हैं।

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चार दिन में पांच ऐसे मामले आए
आरोपियों के संक्रमित मिलने के बाद उन्हें अस्पताल में छोड़ने के पांच मामले चार दिन में ही सामने आ चुके हैं। इंचौली थाना क्षेत्र के साधारणपुर गांव में जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने दो प्रधान प्रत्याशी समेत पांच लोग पकड़ लिए थे। इनमें दो को जेल भेजा था। बाकी तीन आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसमें तीनों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ गई है। पुलिस को यह पता चलते ही पुलिस टीम उन्हें अस्पताल में ही छोड़ गई। बाद में अस्पातल वालों ने ही उनको भर्ती कराया।   

वहीं, मुंडाली थाना क्षेत्र के जिसोरा गांव में झगड़ा हो गया था। इसमें दो आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा। बाद में जांच में वह भी पॉजिटिव निकले। यह सुनकर पुलिस वाले उनको अस्पताल में ही छोड़ गए। इसके अलावा भी जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में रोजाना पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों का कोरोना टेस्ट कराया जाता है। आरोपियों की पॉजिटिव रिपोर्ट का पता लगते ही पुलिसकर्मी उनको छोड़कर भाग जाते हैं। चार दिन में पांच ऐसे केस मेडिकल व जिला अस्पताल में आए हैं। ऐसे संक्रमित आरोपियों से पुलिस बचती है।

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जिले में 50 से अधिक पुलिसकर्मी संक्रमित
कोरोना संक्रमण के दौरान पुलिसकर्मी सबसे ज्यादा चिंतित हैं। उन्हें फ्रंटलाइन पर आ कर काम करना पड़ रहा है। आलम यह कि मेरठ जिले में 50 से अधिक पुलिस वाले कोरोना पॉजिटिव है। इसमें कई पुलिसकर्मी अभी अस्पताल में जिंदगी व मौत के बीच जूझ रहे हैं। ऐसे हालात में अपराधी को पकड़ना और फिर उसको जेल भेजना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। बगैर जांच के ही किसी भी आरोपी को पुलिस गाड़ी से थाने लाती है और फिर उसे हवालात में बंद कर देती है। बाद में आरोपी के संक्रमण के बारे में पता चलता है। ऐसे में हवालात और पुलिस की गाड़ियों में कितना सैनिटाइजर होता है, इसको भी सब लोग जानते ही हैं। 

पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
यह पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। फ्रंट लाइन पर काम करने वाले पुलिसकर्मी अपनी परवाह किए बगैर नामजद आरोपी को पकड़ते हैं। फिर कोरोना टेस्ट कराते हैं। पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर लिखा पढ़ी के साथ उन्हें अस्पताल में भर्ती कराते हैं। अस्पताल में आरोपी छोड़ने का मामला सामने नहीं आया। - राजीव सभरवाल, एडीजी मेरठ जोन

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