मेरठ के साधारणपुर गांव में पंचायत चुनाव के दौरान बांटी गई शराब पीने से पिता-पुत्र सहित 10 ग्रामीणों की मौत के बाद पुलिस प्रशासन की आंख खुली है। बुधवार को पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके साथ ही जहरीली शराब बांटने के आरोपी दो प्रधान प्रत्याशी संजय कुमार और महाजन को जेल भेज दिया गया है। दोनों साधारणपुर गांव के ही रहने वाले हैं। वहीं, निगरानी और जांच में लापरवाही पर एसएसपी ने क्षेत्र के दरोगा सुधीर सोढ़ी और सिपाही अंकित पांचाल को निलंबित कर दिया है। पुलिस अभी मामले की जांच में जुटी है।
इंचौली थाना क्षेत्र के साधारणपुर गांव में प्रधान प्रत्याशियों ने शनिवार और रविवार को जहरीली शराब बांटी थी। बताया जा रहा है इसी शराब को पीने के बाद गांव के 10 लोगों की मौत हुई। गांव में 48 घंटे के अंदर लगातार इतनी मौतें होने से पुलिस और प्रशासन में खलबली मची रही। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस-प्रशासन और आबकारी विभाग की लापरवाही से यह घटना हुई। अपनी लापरवाही और नाकामी छिपाने के लिए पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम तक नहीं होने दिया, लेकिन मामला उजागर होने और लखनऊ तक पहुंचने के बाद बुधवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। जहरीली शराब बांटने वाले दो प्रधान प्रत्याशी संजय और महाजन निवासी साधारणपुर को पुलिस ने गिरफ्तार किया। बुधवार को दोनों ही कोर्ट के सामने पेश किए गए। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
वहीं, इस मामले में एसएसपी अजय साहनी ने क्षेत्र के दरोगा सुधीर सोढ़ी और बीट कांस्टेबल अंकित पांचाल को निलंबित कर दिया है। इस प्रकरण में एक सैनिक का नाम भी सामने आया है उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। अभी इस मामले में और कार्रवाई हो सकती है।
वीडियो वायरल से सामने आ रहा ग्रामीणों का दर्द
साधारणपुर गांव में शराब कांड का सच ग्रामीणों ने वीडियो वायरल कर सामने ला दिया है। इसमें कुछ ग्रामीणों ने पुलिस और आबकारी विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान प्रत्याशियों ने वोटरों को लुभाने के लिए गांव में काफी शराब बांटी थी। पहले पुलिस लीपापोती करने में जुटी रही। अब लापरवाही सामने आई तो केस दर्ज कराया गया।