तीन दिन बाद भी नाले में डूबे गौरव का कोई पता नहीं चला है। सोमवार को भी सर्च अभियान चलाया गया। लेकिन सफलता नहीं मिली। इतना जरूर है कि तीसरे दिन प्रशासनिक अधिकारियों की नींद टूट गई। दो अधिकारी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनके घर गए।
फूलबाग कॉलोनी निवासी गौरव शनिवार को नेहरूनगर के नाले में गिर गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण रविवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। उन्होंने गढ़ रोड पर जाम लगा दिया था। लोगों के आक्रोश को देखते हुए सोमवार को नेहरूनगर नाले की तीन नंबर पुलिया से डी ब्लॉक शास्त्रीनगर तक नाला खंगाला गया।
नगर निगम के 30-40 सफाई कर्मचारी नाले में गौरव की तलाश करते रहे। एक जेसीबी और फासी मशीन भी लगाई गई। लेकिन सफलता नहीं मिली। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रेम सिंह का कहना है कि गौरव की तलाश में प्रतिदिन अभियान चलता रहेगा। सोमवार के अंक में अमर उजाला ने प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही और पीड़ित परिवार की सुध न लेने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका असर भी दिखाई दिया।
एडीएम सिटी एसके दूबे और एसीएम अरविंद सिंह मौके पर पहुंचे। गढ़ रोड और रंगोली मंडप तक नाले का निरीक्षण किया। इसके बाद दोनों अधिकारी पीड़ित परिवार के आवास पर फूलबाग कालोनी पहुंचे। एडीएम सिटी एसके दूबे ने जहां गौरव की मां सुशीला को सांत्वना दी, वहीं मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद के लिए फार्म भराया। एसके दूबे का कहना है कि पत्र शासन को भेजा जा रहा है। पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। उधर, नगर निगम प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि गौरव की तलाश में नाला सर्च अभियान चलाया जाए।
बेटे की राह देख रही सुशीला
मां सुशीला बेटे गौरव को याद करके रो रही है। बेटे के इंतजार में गेट पर टकटकी लगाए बैठी हैं। दो-तीन बार प्रश्न करने पर एक बार जवाब देती हैं। सुशील का हालत को देखकर अन्य महिलाएं भी अपने आंसू नहीं रोक पा रही हैं।
नगरायुक्त कैंप कार्यालय पर हंगामा
गौरव की तलाश में नगर निगम कर्मचारी प्रतिदिन सर्च अभियान चला तो रहे हैं, लेकिन नगरायुक्त उमेश प्रताप मौके पर नहीं गए हैं। जिसको लेकर लोगों में आक्रोश है। सोमवार दोपहर 10-12 युवा नारेबाजी करते हुए नगरायुक्त के कैंप कार्यालय पर पहुंच गए। युवाओं ने नगरायुक्त मुर्दाबाद के नारे लगाए और कार्यालय के गेट पर कालिख भी फेंक गए। इस दौरान कैंप कार्यालय में मौजूद निगम कर्मचारी और प्रदर्शनकारियों में टकराव हो गया। हालांकि युवा थोड़ी ही देर हंगामा करने के बाद लौट गए। दिनेश, योगराज आदि का कहना है कि सर्च अभियान में लापरवाही की जा रही है।
महापौर ने भी शासन को लिखा पत्र
महापौर हरिकांत अहलूवालिया का कहना है कि गौरव का परिवार बेहद गरीब है। उन्हें आर्थिक मदद की जरूरत है। शासन को पत्र लिख दिया गया है। एक पत्र जिला प्रशासन के माध्यम से भी भिजवाया जा रहा है। जिस तरह से प्रदेश सरकार ने अन्य मामलों में पीड़ितों की मदद की है, ऐसे ही मेरठ के परिवार की भी मदद की जाए।