वेटनरी कॉलेज के 23 छात्र दिल्ली और लखनऊ के बीच फुटबाल बन गए हैं। कभी वे रजिस्ट्रेशन के लिए लखनऊ जाते हैं, तो कभी वहां से दिल्ली भेजा जा रहा है। लेकिन अभी तक छात्रों की सुनवाई नहीं हुई है। कृषि विवि की लापरवाही छात्रों को भुगतनी पड़ रही है। डिग्री को वैध घोषित कराने के लिए छात्र अब कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
वेटनरी कॉलेज 2011 में शुरू हुआ था। उस समय कॉलेज को सशर्त मान्यता दी गई थी। विवि प्रशासन ने जल्दबाजी के चलते कॉलेज शुरू कर दिया था। छात्रों को एडमिशन दे दिया गया। वर्ष 2011 में 35 छात्रों को एडमिशन दिया गया था, जिनमें से 9 फेल हो गए थे। 23 की डिग्री पूरी हो गई।
डिग्री पूरी होने के बाद छात्र 15 जनवरी को उत्तर प्रदेश वेटनरी कॉउसिंल लखनऊ में इंटरशिप के लिए रजिस्ट्रेशन कराने गए। वहां पर छात्रों को यह कहकर लौटा दिया कि वर्ष 2011-12 बैच की मान्यता नहीं है। आपकी डिग्री अवैध है। इसके बाद छात्र लगातार कुलपति और रजिस्ट्रार के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वे सख्त कदम नहीं उठा रहे हैं। इससे छात्रों में आक्रोश है। छात्र शमशाद का कहना है कि दिल्ली और लखनऊ कई बार जा चुके है, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल रही है। अगर जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो वे कोर्ट जाएंगे।