कक्ष निरीक्षकों की कमी और डिबार परीक्षा केंद्र को भी केंद्र बनाए जाने के बाद शिक्षा विभाग की चौतरफा फजीहत हो रही है। वहीं, अव्यवस्था के बीच बोर्ड परीक्षा में अब नकल माफिया सक्रिय हो गए हैं।
संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय को लगातार परीक्षा केंद्रों पर नकल होने की सूचना मिल रही है। वहीं सचल दल के पहुंचने से पहले सब कुछ मैनेज कर लिया जाता है। उधर, शिकायत के आधार पर जेडी की तरफ से परीक्षा केंद्रों की जांच शुरू कर दी गई है।
शनिवार को मंडलीय सचल दलों की तरफ से तीन परीक्षा केंद्रों को औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान नकल कराने जैसा कोई साक्ष्य टीम को नहीं मिला, लेकिन कई मामलों में केंद्र पर अस्थिरता मिली है, जिसकी जानकारी सचल दल ने जेडी को दी है।
वहीं जेडी ने सचल दलों से परीक्षा केंद्रों की निरीक्षण आख्या देने के लिए कहा है। शुक्रवार को जेडी कार्यालय के फोन नंबर पर कल्पना नाम की एक महिला की तरफ से शिकायत की गई कि कुछ परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापकों की तरफ से सामूहिक नकल कराई जा रही है।
शिकायत कर्ता की तरफ से परीक्षा केंद्रों के नाम नोट कराए गए हैं, जिनकी अब जांच पड़ताल की जा रही है। अभी तक की जांच में परीक्षा केंद्रों पर स्थिति काफी संदेहास्पद मिली है।
इन परीक्षा केंद्रों पर नकल की सूचना
लॉर्ड कृष्णा इंटर कॉलेज, सम्राट अशोक इंटर कॉलेज चांदसारा, सनबीम इंटर कॉलेज अब्दुल्लापुर, मेरठ गर्ल्स इंटर कॉलेज, हुमायूं नगर, महेंद्र सिंह स्मारक इंटर कॉलेज, रिठानी, महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज, मवाना, जैमिनी इंटर कॉलेज, फूलबाग
मीडिया पर लगाई रोक
डीआईओएस की तरफ से सभी केंद्रों व्यवस्थापकों को हिदायत दी गई है कि केंद्र के अंदर मीडिया कवरेज की परमिशन न दी जाए। अगर कहीं पर दी जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बारे में डीआईओएस श्रवण कुमार ने शुक्रवार को ही सफाई दी थी कि मीडिया कवरेज पर शासन से ही रोक है, लेकिन उनकी तरफ से कोई लिखित आदेश न जारी किया गया और न ही ऐसा कोई शासनादेश प्रस्तुत किया है। जिससे साफ होता है कि कहीं न कहीं कमियों को छिपाने के लिए सारे हथकंडे अपनाये जा रहे हैं।