बिजली के बकाये बिल का भुगतान नहीं करने पर पीवीवीएनएल ने सरकारी विभागों के कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं। बृहस्पतिवार को सबसे पहले लिस्ट के सबसे बड़े बकायेदार कैंट बोर्ड के कनेक्शन काटे गए। इसके बाद पीएसी की 44वीं वाहिनी के कनेक्शन काट। शुक्रवार को अन्य सरकारी महकमों के भी कनेक्शन काटे जाएंगे।
अधीक्षण अभियंता शहर आरके राणा ने बताया कि कैंट बोर्ड पर विभाग के करीब ढाई करोड़ रुपये बकाया हैं। एक सप्ताह पहले इसके कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई थी,
लेकिन बोर्ड अधिकारियों ने भुगतान का आश्वासन देकर कनेक्शन जुड़वा लिया था। तय समय में भुगतान नहीं करने पर बोर्ड की टंकियों, ऑफिसों आदि के कनेक्शन काट दिए गए। इसके अलावा हापुड़ रोड स्थित 44वीं वाहिनी पीएसी का कनेक्शन भी 44 लाख रुपये बकाये के चलते काटा गया।
ओटीएस को सफल बनाने में जुटा पीवीवीएनएल
ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई ओटीएस को विभाग सफल बनाने की कवायद में जुट गया है। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए विभाग के सभी अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर कॉलर ट्यून लगा दी गई है। इसके अलावा गांव में भी प्रचार वाहन के जरिए जानकारी दी जा रही है।
पीवीवीएनएल एमडी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि शासन ने ग्रामीण उपभोक्ताओं से बकाया बिल वसूलने के लिए एकमुश्त समाधान योजना की शुरुआत की है।
योजना में 31 जनवरी तक के बिलों के मूलधन का एकमुश्त भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को सरचार्ज में 100 फीसदी की छूट दी जाएगी।
छूट का फायदा उठाने के लिए उपभोक्ताओं को 15 मार्च तक 1 हजार रुपये देेकर पंजीकरण कराना होगा। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए बिजलीघरों पर फ्लैक्स लगा दिए हैं और पंफलेट आदि बांटे जा रहे हैं। बकाया वसूलने के लिए कैंप लगाए जाएंगे।