चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस के कुछ शिक्षक विभागों के सफाई कर्मचारियों से अपने घर में काम करा रहे हैं। तनख्वाह विवि के खाते से जा रही है। विभाग के नौकर किसी शिक्षक के बच्चे खिला रहे हैं तो किसी के घर रोटी बना रहे हैं।
छात्रों को नियम कायदे की शिक्षा देने वाले गुरुजी खुद ही नियम तोड़ रहे हैं। नैक निरीक्षण की तैयारी में लगे विवि को साफ सफाई के लिए जब स्वीपरों की जरूरत पड़ी तब यह पता चला।
विवि कैंपस में दैनिक वेतन कर्मचारी और स्थायी कर्मचारी मिलाकर करीब 75 स्वीपर हैं। हर विभाग में स्वीपर तैनात हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ अधिकारी और शिक्षक विभाग के स्वीपर और कर्मचारियों से अपने घर पर भी काम करा रहे हैं। अप्रैल में नैक का निरीक्षण होना है।
कुलपति ने सबकी जिम्मेदारी बांट दी है। कैंपस की साफ सफाई का खास ध्यान रखा जा रहा है। जहां कहीं भी गंदगी और कूड़ा है उसे साफ कराया जा रहा है। इस काम के लिए जब स्वीपर की गिनती और काम पर नजर डाली गई तो पता चला कि कुछ स्वीपर विभागों में तैनात हैं लेकिन वह शिक्षकों के घर पर काम कर रहे हैं। तनख्वाह उन्हें विवि दे रहा है। अधिकारियों तक यह बात पहुंच गई है, देखना यह है कि कार्रवाई कब तक होगी।
गड्ढे खुदवाए, डस्टबिन लगवाए
कैंपस साफ रहे इसके लिए नए डस्टबिन लगे हैं। कचरे को डालने के लिए विवि ने कैंपस में ही तपोवन के पास चार गड्ढे खुदवाए हैं। रोजाना कचरा उनमें डाला जाएगा। कैंपस को पॉलिथीन विहीन बनाने की तैयारी है।