डॉक्टर शालिनी आर्य की मौत के मामले में मंगलवार को उनकी सास वीना आर्य को कोर्ट ने दो दिन की अंतरिम जमानत दे दी।
जमानत की पूर्ण सुनवाई की तिथि 18 फरवरी तय की है। शालिनी के मायके वालों ने सदर बाजार पुलिस पर विवेचना में लापरवाही करने का आरोप लगाकर आक्रोश जताया है।
सदर बाजार क्षेत्र के थापरनगर निवासी डॉ. शालिनी आर्य पत्नी डॉ. विशाल आर्य की एक सितंबर 2015 को मौत हो गई थी। मायके वालोें ने डॉ. विशाल आर्य और उनकी मां वीना आर्य पर हत्या का आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था।
फोरेंसिक जांच रिपोर्ट और पुलिस की विवेचना में मामला आत्महत्या होना सामने आया, जिस पर हत्या का मामला आत्महत्या में तब्दील हो गया। पुलिस ने डॉ. विशाल आर्य को जेल भेज दिया था, जिन्हें 19 जनवरी को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी।
नामजद आरोपी वीना आर्य मंगलवार को न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या 2 में पेश हुई। जिला जज कोर्ट संख्या-2 राहुल कात्यान ने दो दिन अंतरिम जमानत पर छोडे़ जाने के आदेश जारी किए हैं। जमानत पर पूर्ण सुनवाई के लिए 18 फरवरी नियत की है।
डॉ. शलिनी आर्य हत्याकांड में आरोपी पति को हाईकोर्ट कें आदेश पर जमानत पर छोडे़ जाने के आदेश जारी होने के बाद सास बीना आर्य ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। जहां पर आरोपी सास ने अपने विरुद्ध जारी कुर्की के नोटिस को समाप्त किए जाने की गुहार लगाई।
हाईकोर्ट ने 15 दिन में न्यायालय में पेश होने की छूट देते हुए तब तक कुर्की पर अग्रिम कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। सीजेएम की अदालत ने बीना आर्य के जमानत प्रार्थना पत्र को उचित आधार न पाते हुए खारिज कर दिया। उसके बाद बीना आर्य की ओर से सेशन अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दिया।
जिसे सुनवाई के लिए अपर जिला जज कोर्ट संख्या 2 के समक्ष पेश किया गया। जहां वीना आर्य को अंतरिम जमानत छोडे़ जाने के आदेश जारी किए।