नौकरी छोड़ खोली थी दुकान... रास्ता ही बंद
विजय स्टोर के मालिक लक्ष्य जैन बताते हैं कि मई
2019 में पिता ने नौकरी छुड़वाकर क्रॉकरी के सामान की दुकान खुलवाई। उम्मीद थी कि इस कारोबार को ऊपर ले जाएंगे। दुकान खोलते ही कोरोना आ गया। अब कुछ अच्छे की उम्मीद थी तो रैपिड रेल कंपनी ने दुकान में आने का रास्ता ही बंद कर दिया। दुकान तो प्रतिदिन खोलते हैं, लेकिन ग्राहक ही नहीं हैं। अगर दुकान किराए की होती तो बर्बाद ही हो जाते। यहां अधिक कर्मचारी और मशीनें लगाकर शीघ्र कार्य को पूरा करना चाहिए ताकि कारोबार बच सके।
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कल बेहतर होगा पर आज कैसे बचाएं
श्रीराम प्लाइवुड के मालिक अमित अग्रवाल का कहना है कि रैपिड रेल का आने वाले समय में मेरठ को बड़ा फायदा मिलेगा लेकिन, इस समय जो कारोबार को नुकसान हो रहा है उसकी भरपाई कैसे होगी। एनसीआरटीसी और पुलिस प्रशासन को मिलकर ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि दिल्ली रोड पर जाम न लगे। साथ ही जिन दुकानों के सामने कार्य पूरा हो चुका है वहां से बैरिकेडिंग को हटाया जाए और जहां पर काफी समय पहले काम शुरू किया गया और पूरा नहीं किया है उसको पूरा किया जाए।