जानीखुर्द स्थित नंगला किठौली संपर्क मार्ग पर मंगलवार सुबह दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) में क्लर्क 32 वर्षीय नीरज उर्फ सन्नी का शव सड़क किनारे खेत में पड़ा मिला। पास ही उसकी बाइक पड़ी थी। नीरज सोमवार रात ड्यूटी से बाइक पर घर आ रहा था। परिजनों ने नीरज की हत्या की आशंका जताई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वह स्थान, जहां नीरज का शव मिला।
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गांव किठौली निवासी नीरज उर्फ सन्नी पुत्र सतपाल दिल्ली डीडीए में क्लर्क था। नीरज रोजाना बाइक से आता-जाता था। सोमवार की रात 11 बजे नीरज ने अपनी पत्नी मानसी को फोन कर बताया कि वह रास्ते में है, आधे घंटे में घर पहुंच जाएगा। घर न लौटने पर पत्नी मानसी ने कॉल की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद भी मानसी ने कई बार कॉल किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
अनहोनी की आशंका पर मानसी ने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद रात में नीरज की तलाश की गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। तलाशी के दौरान मंगलवार सुबह नंगला किठौली मार्ग पर किठौली के पास एक खेत में नीरज का शव पड़ा मिला। पास ही उसकी बाइक थी। नीरज के शरीर पर किसी प्रकार चोट आदि का निशान नहीं था। मौके पर पहुंची पुलिस को जेब से मोबाइल और कुछ नकदी मिली। सीओ संजय जायसवाल ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण पता चल पाएगा। परिजनों की तहरीर नहीं दी गई है।
अकेला कमाने वाला था नीरज
गांव किठौली निवासी नीरज की मौत के बाद परिवार मातम में डूबा है। परिवार पर आर्थिक संकट भी आ गया है। नीरज माता-पिता का इकलौता पुत्र था। वह परिवार का इकलौता कमाने वाला भी था। उसके पिता सतपाल सिंह भी दिल्ली डीडीए में काम करते थे। चार वर्ष पूर्व उनका बीमारी से निधन हो गया था। पिता की मौत के बाद दो वर्ष पूर्व डीडीए में नीरज को मृतक आश्रित कोटे से क्लर्क की नौकरी मिल गई थी।
नीरज की मौत के बाद उसकी पत्नी मानसी, उसकी छह साल की पुत्री अवनिया और चार साल के पुत्र सत्यम और उसकी मां सुधा का रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों के अनुसार नीरज के पिता सतपाल सिंह मूल रूप से करनावल कस्बे के निवासी थे। 20 साल पहले गांव किठौली में आकर रहने लगे थे।