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Meerut: अंग्रेजों के जमाने के मोहल्लों के बदलेंगे नाम, साफ होगा आबू नाला; कैंट की बोर्ड बैठक में हुए ये फैसले

Wed, 29 Apr 2026 10:23 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ छावनी बोर्ड की बैठक में सफाई, पानी, विकास के कार्यों पर चर्चा की गई और उनका क्रियान्वयन कैसे किया जाना है, इस पर मंथन किया गया। नगर निगम के सहयोग से कूड़ा निस्तारण का फैसला लिया गया। 
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कैंट की बोर्ड बैठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छावनी परिषद की बैठक में क्षेत्र के विकास, स्वच्छता समेत कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। तय हुआ कि छावनी क्षेत्र से गुजरने वाले आबू नाले को नमामि गंगे के सहयोग से साफ कराने के साथ ही कासमपुर में एसटीपी लगाया जाएगा। नाले के किनारे ऊंची रेलिंग लगाई जाएगी, ताकि कूड़ा न पटने पाए। छावनी क्षेत्र में अंग्रेजों के जमाने के पुराने नाम बदले जाएंगे और उनके नए नाम के बोर्ड लगेंगे। वाटर एटीएम 48 घंटे के अंदर चालू करने के निर्देश दिए गए।
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छावनी परिषद के अध्यक्ष ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार हुआ। छावनी जनरल अस्पताल में आईएमए के सहयोग से हड्डी रोग, नाक-कान-गला रोग और चर्म रोग विशेषज्ञों की ओर से प्रतिदिन दो घंटे ओपीडी करने को मंजूरी दी गई। स्त्री रोग व बाल रोग विशेषज्ञों की संविदा पर भर्ती होगी।अध्यक्ष ने छावनी क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के लिए पौधरोपण पर जोर दिया। इसके लिए पेड़ों का वरण रजिस्टर में दर्ज करने को कहा गया। सड़क किनारे पांच-छह फुट ऊंचाई के पौधे लगेंगे।
 

नगर निगम के सहयोग से कूड़ा निस्तारण पर विचार
अब्दुल्लापुर कूड़ा प्लांट के 2.5 लाख मीट्रिक टन कूड़े को निस्तारित करने पर सहमति बनी। इसका डीपीआर बनाने वाली फर्म के 2.36 लाख रुपये के भुगतान को मंजूरी दी गई। शीघ्र ही इसके लिए टेंडर प्रक्रिया होगी। कहा गया कि छावनी क्षेत्र से प्रतिदिन निकलने वाले लगभग 55 मीट्रिक टन कूड़े को अब अब्दुल्लापुर नहीं भेजा जाए। नगर निगम के सहयोग से कूड़ा निस्तारण करने पर विचार हुआ। ऐसा नहीं होने पर कूड़े को सोफीपुर में डाला जाए।
 

नमामि गंगे के सहयोग से साफ होगा आबू नाला
बैठक में नमामि गंगे के सहयोग से आबू नाले की सफाई पर विचार हुआ। दौराला से निकलने वाले आबू नाले को कंकरखेड़ा में छावनी क्षेत्र में प्रवेश से पहले ही कासमपुर में एसटीपी लगाकर साफ किया जाएगा। नमामि गंगे की टीम के साथ कैंट बोर्ड अध्यक्ष ने आबू नाले का निरीक्षण किया है। कासमपुर में ए-1 लैंड को सी लैंड में बदलकर प्लांट लगाने पर विचार चल रहा है। आबू नाले में कूड़ा जाने से रोकने के लिए किनारे पर ऊंची फेंसिंग लगाई जाए। आबू नाले में ऐसे शैवाल रूपी ऐसे पौधे लगाए जाएंगे, जो पानी के बैक्टीरिया को साफ कर देंगे। नगर निगम के साथ भी यह तकनीक साझा की जाएगी। दो स्थानों पर अरेस्टर मशीनें लगाकर सफाई होगी। जल्दी ही रिपोर्ट आने के बाद विस्तार से विचार होगा।
 

बदलेंगे अंग्रेजों के जमाने के मोहल्लों के नाम
ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अंग्रेजों के जमाने के बाजारों व मोहल्लों के नाम बदले जाएंगे और आकर्षक बोर्ड लगेंगे। इससे लोगों के बीच नए नामों का प्रचार-प्रसार हो सके। 1947 में ही ब्रिटिश नामों को बदला जा चुका है, लेकिन उनका प्रचार-प्रसार नहीं हुआ था। ऐसे प्रमुख बाजारों में आरए (रॉयल आर्टिलरी) बाजार तोपखाना को सुभाष बाजार, बीआई (ब्रिटिश इन्फैंट्री) लालकुर्ती को जवाहर नगर और बीसी (ब्रिटिश कैवलरी) रजबन को शिवाजी नगर में बदला जा चुका है। अब इनके आकर्षक होर्डिंग लगेंगे। जिन मोहल्लों के नाम नहीं बदले जा सके, उन्हें एक समिति बनाकर बदला जाएगा। छावनी क्षेत्र में सभी बोर्ड अब एक ही रंग में लगेंगे।
 

48 घंटे में चालू होंगे बंद पड़े वाटर एटीएम
बोर्ड अध्यक्ष ने गर्मी को देखते हुए छावनी क्षेत्र में बंद पड़े वाटर एटीएम को 48 घंटे में चालू करने के निर्देश दिए, जिससे लोगों को गर्मी में पानी मिल सके। पहले इन एटीएम से एक रुपये का सिक्का डालने पर एक लीटर पानी निकलता था। तीन साल पहले पानी निशुल्क कर दिया गया। छावनी क्षेत्र में इस समय 19 वाटर एटीएम लगे हुए हैं। अध्यक्ष ने स्वयं इन एटीएम का दौरा करने की बात कही।
 

प्रमुख प्रस्तावों को मिली मंजूरी
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि अधिक आवागमन वाली सड़कों को पहले ठीक किया जाए। जनता से भी सुझाव लिए जाएं। 30 लाख रुपये में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने को मंजूरी दी। इसमें सात सिस्टम रिपेयर होंगे। तीन नए लगेंगे व सात रिचार्ज पिट बनेंगे। पांच नए ट्रेड लाइसेंस नवीनीकृत हुए। नए ट्रेड लाइसेंस जारी करने के लिए व्यापार संघों के साथ बातचीत करके दिक्कतें दूर की जाएंगी। वार्ड पांच में कूड़ा संग्रह और सफाई के लिए 20.37 करोड़ रुपये में दो साल के ठेके को मंजूरी मिली। 13.39 करोड़ रुपये में मिलिट्री कंजर्वेंसी का एक साल के ठेके को मंजूरी मिली।
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 19.10 करोड़ रुपये में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का दो साल के ठेके को स्वीकृति दी गई। 7.21 करोड़ रुपये से कैंट बोर्ड फंड को स्वीकृति मिली। नई सड़कों के निर्माण के लिए ठेका दिया गया। कैंट बोर्ड की संपत्ति पर विज्ञापन या पोस्टर चिपकाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जाकिर हुसैन, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हर्षिता चमड़िया, नामित सभासद डॉ. सतीश चंद्र शर्मा, जयपाल सिंह तोमर, पीयूष गौतम, हितेष राय आदि उपस्थित रहे।
 
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